लोकसभा ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस विधेयक के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर अन्य न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है। इससे पहले मई 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इसी संबंध में एक अध्यादेश जारी किया था।
दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयक पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र के अनुरूप न्यायिक व्यवस्था में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में बढ़ते लंबित मामलों को देखते हुए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना आवश्यक हो गया था। इससे न्यायिक क्षमता मजबूत होगी, मामलों के शीघ्र निपटारे में सहायता मिलेगी और नागरिकों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 1 जनवरी तक सर्वोच्च न्यायालय में 92 हजार से अधिक मामले लंबित थे। वर्ष 2025 में न्यायालय में 75 हजार 410 नए मामले दर्ज हुए, जबकि लगभग 65 हजार मामलों का निस्तारण किया गया। लगातार बढ़ते मामलों और उनके निपटारे के बीच अंतर के कारण पुराने मामलों का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना लंबित मामलों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय माना जा रहा है।
इससे पहले दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने नीट परीक्षा से जुड़े छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेनेटी ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने और सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर तख्तियां और बैनर लाना संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं है। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
हंगामे के बीच केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य भारतीय सांख्यिकी संस्थान के लिए व्यापक वैधानिक ढांचा तैयार करना है, ताकि इसे सांख्यिकी विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट संस्थान के रूप में विकसित किया जा सके।
वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 पेश किया। इसका उद्देश्य बैंकों के अभिलेखों से संबंधित साक्ष्य कानून को आधुनिक डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप बनाना है।
दिन की शुरुआत में सुबह 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ग्लासगो में आयोजित 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने बताया कि भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। उन्होंने विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके शानदार प्रदर्शन से देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों का अगला आयोजन वर्ष 2030 में गुजरात के अहमदाबाद में होगा। समापन समारोह के दौरान राष्ट्रमंडल खेलों की बैटन आधिकारिक रूप से भारत को सौंप दी गई। हालांकि इसके बाद प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष ने फिर से नीट आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और बाद में दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
