नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को असम के सांसदों से मुलाकात कर राज्य के विभिन्न हिस्सों में आई बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार, असम सरकार के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने असम के सांसदों के साथ बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और कुशलता की कामना भी की।
इस बीच, असम के शिवसागर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। नौजान गांव सहित कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में परिवार भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आश्रय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, राज्य के छह जिलों में 4.45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 631 गांव जलमग्न हैं और राहत कार्यों के लिए 184 राहत शिविर एवं वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां लगभग 28,700 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन बाढ़ से मकानों, सड़कों, स्कूलों, कृषि भूमि और पशुधन को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
