बिहार पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने नरकटियागंज अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले शिकारपुर थाना को गोद लेने की एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय घोषणा की है। इस अनूठी प्रशासनिक पहल का मुख्य उद्देश्य थाना प्रशासन की दैनिक कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार लाना, थाने के सभी सरकारी अभिलेखों और दस्तावेजों का सुव्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही इस कदम के जरिए थाने में तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों की विभिन्न प्रशासनिक व आधारभूत समस्याओं का भी त्वरित समाधान किया जाएगा ताकि वे बिना किसी तनाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने गुरुवार देर शाम खुद शिकारपुर थाना का औचक निरीक्षण करने के बाद इस पूरी योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने मीडिया और पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यालय के सख्त निर्देशों के मुताबिक अब थाने के सिरिस्ता यानी अभिलेख प्रबंधन विभाग को पूरी तरह से दुरुस्त किया जाएगा, जिससे थाने की पूरी कार्य व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जा सके। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पुलिसकर्मियों के रहने, कार्य करने और अन्य प्रशासनिक व बुनियादी ढांचागत दिक्कतों को प्राथमिकता के आधार पर बहुत जल्द दूर कर लिया जाएगा।
थाना गोद लेने की इस पहल के तहत क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को भी पूरी तरह से सुदृढ़ और नया रूप देने की योजना बनाई गई है। एसपी ने बताया कि नरकटियागंज और शिकारपुर क्षेत्र के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर अब नियमित रूप से यातायात पुलिस के जवानों की स्थाई तैनाती की जाएगी, जिससे सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके, यातायात पूरी तरह सुचारु रहे और आम नागरिकों को आवागमन में बेहतर और सुरक्षित सुविधा मिल सके।
पुलिस अधीक्षक ने इस गोद लेने की प्रक्रिया को गंभीरता से लागू करने के लिए एक सख्त गाइडलाइन भी तय की है, जिसके तहत वे स्वयं प्रत्येक 14 दिनों के अंतराल पर शिकारपुर थाना का नियमित और विस्तृत निरीक्षण करेंगे। इन पाक्षिक निरीक्षणों के दौरान सिर्फ कागजी कार्रवाई की जांच नहीं होगी, बल्कि थाने में अपनी फरियाद लेकर आने वाले आम लोगों और पीड़ितों के साथ पुलिस अधिकारियों और जवानों के व्यवहार की भी बहुत बारीकी से समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में स्पष्ट किया कि समाज के आम नागरिकों और जरूरतमंदों के साथ शालीन, मददगार और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना ही पुलिस की सबसे पहली और प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अंत में दोहराया कि शिकारपुर थाना की कानून-व्यवस्था और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को हर हाल में हर स्तर पर मजबूत किया जाएगा, ताकि आम जनता के भीतर पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और सम्मान की भावना और अधिक गहरी व मजबूत हो सके।
