बिहार के कुछ जिलों में न्यायालयों को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सहरसा जिला व्यवहार न्यायालय में सुरक्षा के मद्देनज़र एहतियाती कदम उठाए गए। इसी क्रम में न्यायालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ सर्च अभियान और मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।
एसपी के निर्देश पर पुलिस बल ने सायरन बजाते हुए न्यायालय परिसर में प्रवेश किया और वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालकर पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कुछ समय के लिए न्यायालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को जल्द ही संभाल लिया।
मौके पर मौजूद एसडीपीओ ने बताया कि राज्य के विभिन्न न्यायालयों को लक्षित धमकियों को गंभीरता से लेते हुए यह मॉकड्रिल एहतियातन आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को परखना है।
सहरसा व्यवहार न्यायालय के जज इंचार्ज और रजिस्ट्रार ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉकड्रिल से न्यायालय परिसर में आने वाले नागरिकों, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों में सतर्कता बनी रहती है। जज इंचार्ज ने यह भी सुझाव दिया कि सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इस प्रकार के अभ्यास नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाने चाहिए।
