पंतनगर: उत्तराखंड के गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चिकित्सा और आहार विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों के लिए विशेष रूप से ‘लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स इंस्टेंट पुलाव’ तैयार किया है। इस नवाचार की महत्ता को देखते हुए भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने 12 मार्च 2026 को इसे आधिकारिक रूप से पेटेंट प्रदान कर दिया है।
इस स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद को विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक डॉ. सरिता श्रीवास्तव और उनकी शोध छात्रा श्वेता जोशी ने मिलकर विकसित किया है। इस इंस्टेंट पुलाव की सबसे बड़ी खूबी इसका लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स है, जो रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, इस पुलाव में सेंधा नमक का प्रयोग किया गया है, जिसके कारण इसे व्रत या उपवास के दौरान भी खाया जा सकता है।
भंडारण और सुविधा के मामले में भी यह उत्पाद काफी उन्नत है। इसे सीलबंद एल्युमिनियम पैक में दो महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है। विश्वविद्यालय के बौद्धिक संपदा प्रबंधन केंद्र के सीईओ डॉ. एम.जी.एच. जैदी ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि यह उत्पाद न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर डायबिटीज प्रबंधन के लिए एक क्रांतिकारी विकल्प साबित होगा।
