भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में हो रहे रक्तपात को तत्काल बंद करे, अपनी धरती से संचालित आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ विश्वसनीय, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय कार्रवाई करे तथा भारत के उन सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करे, जिन पर उसने अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा तथाकथित ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दुनिया इस तरह के सुनियोजित प्रचार से गुमराह नहीं होने वाली है। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान द्वारा मनाए जा रहे तथाकथित ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं, थे और हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक परिवर्तन पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला हैं और इस पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इन संवैधानिक बदलावों के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।
रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान पर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपने खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी छवि से हटाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मौलिक अधिकारों के क्रूर दमन को देख रही है। हाल के सप्ताहों में वहां पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण नागरिक अधिकार आंदोलनों को दबाने के लिए घातक हिंसा, लक्षित हत्याओं और कठोर प्रतिबंधों का सहारा लिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि निहत्थे नागरिकों के खिलाफ राज्य प्रायोजित हिंसा पाकिस्तान की दोहरी नीति और उसके शासन तंत्र की वास्तविकता को उजागर करती है।
