प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देशभर के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल हुए। इस दौरान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समावेशी मानव विकास की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई।
इस वर्ष की बैठक की थीम “विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखी गई है। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण और विकास को सुनिश्चित करना है, चाहे वह किसी भी आयु वर्ग, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित हो। बैठक में इस दृष्टि को जमीनी स्तर पर लागू करने और इसके ठोस एवं मापनीय परिणाम सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को मजबूत करने और देशभर में स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही सुशासन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न भागीदारों के सहयोग के माध्यम से विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हुई। जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार किया गया।
गवर्निंग काउंसिल की बैठक में समावेशी मानव विकास ढांचे के चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की गई। इनमें आधारभूत मानव पूंजी और भविष्य के अनुरूप कौशल विकास, उत्पादक रोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से विकेंद्रीकृत विकास, स्वास्थ्य-पोषण और समग्र कल्याण, तथा सभी के लिए समानता और गरिमा सुनिश्चित करना शामिल है।
बैठक का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत बनाते हुए ऐसे विकास मॉडल को आगे बढ़ाना है, जो देश के हर नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचा सके और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
