बिहार के सहरसा जिले में पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसके तहत जिला प्रशासन ने सभी 10 प्रखंडों के लिए आरक्षण रोस्टर से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े (प्रपत्र-1) प्रकाशित कर दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बार आरक्षण का निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानकर किया जा रहा है। इसके अंतर्गत मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद जैसे विभिन्न पदों के लिए श्रेणीवार सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकाशित आंकड़ों पर यदि किसी को कोई आपत्ति है, तो वे 18 मई तक अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों का निस्तारण जिला प्रशासन द्वारा 22 मई तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके पश्चात 5 जून को आरक्षण रोस्टर का अंतिम प्रकाशन किया जाना तय है। विशेष बात यह है कि इस बार आरक्षण निर्धारण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। जिम्मेदारी का विभाजन करते हुए ग्राम पंचायत और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को अधिकृत किया गया है, वहीं जिला परिषद पदों के आरक्षण की निगरानी और निर्धारण के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस प्रक्रिया के शुरू होने से जिले में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और संभावित प्रत्याशी अब अपनी सीटों के समीकरणों पर नजर बनाए हुए हैं।
