बिहार के सीतामढ़ी जिले के डुमरा स्थित शांति नगर जिला नियोजनालय में युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और अप्रेंटिसशिप से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) के मिशन निदेशक मनीष शंकर उपस्थित रहे। उनके साथ ही नोडल सीएम प्रतिज्ञा, मिशन मैनेजर, टीम लीड तथा पीएम इंटर्नशिप स्कीम (PMIS) और नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उन्हें मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने पर गहन मंथन किया।
कार्यशाला के मुख्य सत्र के दौरान सीएम प्रतिज्ञा योजना, पीएम इंटर्नशिप स्कीम और NAPS के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार, इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। मिशन निदेशक मनीष शंकर ने उपस्थित अधिकारियों और संस्थानों को निर्देशित किया कि वे विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, कौशल प्रशिक्षण केंद्रों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं के पंजीकरण की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उद्योग की वर्तमान मांग के अनुरूप उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार मिलने में कोई बाधा न आए।
इस अवसर पर उपस्थित असिस्टेंट प्रोफेसर सादिक नईम ने भी अपने विचार साझा करते हुए बताया कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होती हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से न केवल छात्रों को तकनीकी कौशल और कार्यक्षेत्र का अनुभव मिलता है, बल्कि उन्हें मिलने वाली आर्थिक सहायता भी उनके मनोबल को बढ़ाती है। इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के बाद छात्र अपने कार्यक्षेत्र में अधिक परिपक्व, दक्ष और आत्मविश्वासी बनते हैं, जिससे बाजार में उनकी मांग बढ़ती है। कार्यशाला के अंत में सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प दिलाया गया।
