प्रधानमंत्री मोदी का बहुराष्ट्रीय दौरा: घाना से नामीबिया तक मजबूत होंगे वैश्विक संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाना, ट्रिनिडाड और टोबेगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा पर रवाना हुए। इस बहुराष्ट्रीय दौरे से भारत के वैश्विक सहयोग और कूटनीतिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पांच देशों – घाना, ट्रिनिडाड और टोबेगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया – की बहुपक्षीय यात्रा पर रवाना हो गए। यह दौरा भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने और ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के साथ सहयोग को गहराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
घाना: वैश्विक दक्षिण में भारत का अहम साझेदार
प्रधानमंत्री की पहली मंज़िल है घाना, जहां वे दो दिन की यात्रा पर रहेंगे। रवाना होने से पहले मोदी ने घाना को ग्लोबल साउथ में भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, क्षमता निर्माण और विकास सहयोग के क्षेत्रों में संवाद को और प्रगाढ़ किया जाएगा। मोदी घाना की संसद को भी संबोधित करेंगे।
ट्रिनिडाड और टोबेगो: सांस्कृतिक रिश्तों का विस्तार
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ट्रिनिडाड और टोबेगो जाएंगे। उन्होंने इन देशों के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को उल्लेखनीय बताया। इस यात्रा में वे राष्ट्रपति क्रिस्टीन कारला कांगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर से मिलेंगे। मोदी ने विश्वास जताया कि यह यात्रा भारत और इन देशों के आनुवांशिक रिश्तों को और गहराएगी।
अर्जेंटीना: 57 वर्षों बाद भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा
ट्रिनिडाड के बाद मोदी अर्जेंटीना पहुंचेंगे। पिछले 57 वर्षों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जावियर माइल से मुलाकात करेंगे और कृषि, खनिज, ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन और प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करेंगे। उन्होंने अर्जेंटीना को भारत का जी-20 में करीबी सहयोगी भी बताया।
ब्राजील: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी
ब्राजील में प्रधानमंत्री 6 से 7 जुलाई तक रियो डि जेनेरियो में होने वाली ब्रिक्स शिखर बैठक में भाग लेंगे। उन्होंने ब्रिक्स को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक मजबूत मंच बताया। इस यात्रा के दौरान वे ब्रासीलिया भी जाएंगे – जो छह दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा होगी। प्रधानमंत्री लुईस इनासियो लूला द सिल्वा के साथ वैश्विक दक्षिण के हितों पर चर्चा करेंगे।
नामीबिया: ऐतिहासिक संबंधों का पुनर्संवाद
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नामीबिया पहुंचेंगे। यहां वे राष्ट्रपति डॉ. नितम्बो-नंदी-नदेतवा से मुलाकात करेंगे और संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया को उपनिवेशवाद के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष में भारत का साझेदार बताते हुए इसे एक भरोसेमंद सहयोगी कहा।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा न केवल भारत के कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी, बल्कि वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त भूमिका को और भी सुदृढ़ करेगी।