IFFI गोवा 2025 में मध्यप्रदेश की धूम: ‘द सितारिस्ट’, ‘लोकमाता अहिल्याबाई’ और एमपी में शूट फिल्में रहीं आकर्षण का केंद्र

IFFI गोवा 2025 में मध्यप्रदेश की विशेष प्रस्तुति ने सभी का ध्यान खींचा। ‘द सितारिस्ट’, ‘लोकमाता अहिल्याबाई’ और एमपी में शूट फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग ने दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया।

IFFI गोवा 2025 में मध्यप्रदेश की धूम: ‘द सितारिस्ट’, ‘लोकमाता अहिल्याबाई’ और एमपी में शूट फिल्में रहीं आकर्षण का केंद्र

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) गोवा 2025 में ‘अतुलनीय मध्यप्रदेश’ ने अपनी सांस्कृतिक गहराई, रचनात्मक दृष्टि और फिल्म-अनुकूल माहौल से एक यादगार छाप छोड़ी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की रचनात्मक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

इस प्रतिष्ठित महोत्सव के दौरान एमपी टूरिज्म द्वारा निर्मित दो प्रमुख फिल्मों—‘द सितारिस्ट’ और ‘लोकमाता अहिल्याबाई’—का विशेष प्रीमियर आयोजित किया गया। दोनों फिल्मों ने दर्शकों को भावुक किया और समीक्षकों द्वारा खूब सराहना प्राप्त की।

‘द सितारिस्ट’—मध्यप्रदेश की शांत सुंदरता का अद्भुत चित्रण

प्रसिद्ध सितारिस्ट अनुष्का शंकर द्वारा अभिनीत ‘द सितारिस्ट’ एक कलाकार की आंतरिक साधना और संगीत यात्रा को दर्शाती है। फिल्म में मध्यप्रदेश के जंगलों, झीलों, पहाड़ों और ग्रामीण जीवन की प्राकृतिक सुंदरता को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

‘लोकमाता अहिल्याबाई’—नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक कथा

एनिमेटेड फिल्म ‘लोकमाता अहिल्याबाई’ में राजमाता अहिल्याबाई होलकर के न्याय, करुणा और नेतृत्व क्षमता को सरल, आधुनिक और आकर्षक शैली में दिखाया गया है। यह फिल्म बताती है कि उनका योगदान आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत क्यों है।

मध्यप्रदेश को मिला राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सम्मान

IFFI में ‘द सितारिस्ट’ के निर्माण के लिए अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्पैन कम्युनिकेशन्स के श्री नरेश खेत्रपाल तथा ‘लोकमाता अहिल्याबाई’ की निर्देशक डिंपल दुगर को भी उनकी कलात्मक प्रस्तुति के लिए सम्मान मिला।

श्री शुक्ला ने कहा कि ये फिल्में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संवेदनशील और सशक्त तरीके से दर्शाती हैं। यह सम्मान प्रदेश को गुणवत्तापूर्ण सिनेमा को और आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

एमपी में शूट फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग

इन प्रमुख फिल्मों के साथ ही, मध्यप्रदेश में शूट की गई तीन महत्वपूर्ण फिल्मों—विमुक्त, चंबल और पिंच—की भी विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिन्हें दर्शकों का शानदार प्रतिसाद मिला।