पश्चिम बंगाल में ‘बाबरी मस्जिद’ नाम से नई मस्जिद की घोषणा पर विवाद तेज

पश्चिम बंगाल में नई मस्जिद का नाम 'बाबरी मस्जिद' रखने की घोषणा पर विवाद बढ़ा। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसे गलत बताते हुए कहा कि यह निर्णय नया तनाव पैदा कर सकता है।

पश्चिम बंगाल में ‘बाबरी मस्जिद’ नाम से नई मस्जिद की घोषणा पर विवाद तेज

पश्चिम बंगाल में ‘बाबरी मस्जिद’ नाम से नई मस्जिद की आधारशिला रखने की घोषणा के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर की इस घोषणा ने राज्य के साथ-साथ देशभर में भी विरोध और आलोचना को जन्म दिया है।

इस विवाद को और गति तब मिली जब बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस नामकरण को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद–राम जन्मभूमि विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा दिया है। ऐसे में फिर से ‘बाबरी’ नाम का उपयोग करना एक नया विवाद खड़ा करने जैसा है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।

मौलाना रजवी ने स्पष्ट कहा कि मस्जिद का निर्माण करना स्वागत योग्य है, लेकिन उसे ‘बाबरी’ नाम देना उचित नहीं है। उनका तर्क था कि बाबर मुसलमानों का आदर्श नहीं था, इसलिए उसके नाम पर मस्जिद बनाना समाज के एक बड़े वर्ग में असहमति का कारण बन सकता है।

घोषणा के बाद से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, और कई संगठनों ने भी मांग की है कि मस्जिद के लिए कोई ऐसा नाम चुना जाए जिस पर समाज में अनावश्यक विवाद न पैदा हो।