नेपाल हिंसा के बीच फंसे अयोध्या के श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी शुरू, प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप से मिली राहत

नेपाल हिंसा के बीच कैलाश मानसरोवर से लौटते समय अयोध्या के 9 श्रद्धालु हिलसा बॉर्डर पर फंसे थे। प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप से 3 श्रद्धालु सुरक्षित लौटे, बाकी 6 की वापसी भी जल्द संभव।

नेपाल हिंसा के बीच फंसे अयोध्या के श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी शुरू, प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप से मिली राहत

नेपाल में हाल ही में भड़की हिंसा ने हजारों लोगों के साथ-साथ पड़ोसी देशों के यात्रियों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी थीं। इसी अशांति के बीच अयोध्या से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए नौ श्रद्धालु लौटते समय हिलसा बॉर्डर पर फँस गए। स्थिति बिगड़ने पर उनके परिजनों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए नेपाल में भारतीय दूतावास और सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय किया। इसके परिणामस्वरूप नौ में से तीन श्रद्धालु—सुशील राजपाल, विकास गुप्ता और अनूप सिंह—को नेपालगंज मार्ग से सुरक्षित भारत लाया गया। तीनों श्रद्धालु जब अयोध्या लौटे तो उनके परिवारों और स्थानीय नागरिकों ने भावपूर्ण स्वागत किया।

सुशील राजपाल के भाई धीरज राजपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि जैसे पाकिस्तान में बंधक बनाए गए भारतीय वायुसेना के वीर विंग कमांडर अभिनंदन को प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से सुरक्षित वापस लाया गया था, उसी तरह नेपाल में फँसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि सरकार के त्वरित कदम से श्रद्धालुओं के परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

हालाँकि अभी भी छह श्रद्धालु नेपाल में ही हैं, लेकिन सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए है और जल्द ही उन्हें भी भारत वापस लाने की तैयारी की जा रही है। परिजन उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

अयोध्या में इस घटना को लेकर लोगों में गहरी चर्चा है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की सक्रियता और कूटनीतिक पहल से ही यह संभव हुआ कि कठिन हालात में भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने का रास्ता तैयार हुआ। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि संकट की घड़ी में भारत सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित घर लाने के लिए हर संभव प्रयास करती है।

श्रद्धालुओं की इस सुरक्षित वापसी ने अयोध्या के लोगों को न सिर्फ राहत दी, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की ताकत और संवेदनशीलता का भी एहसास कराया। अब सभी की निगाहें नेपाल में फँसे बाकी छह श्रद्धालुओं की घर वापसी पर टिकी हैं, जिनके जल्द आने की उम्मीद जताई जा रही है।