जीएसटी कटौती से सस्ती होंगी दवाएं और इलाज, आम जनता को मिलेगा बड़ा लाभ
भारत सरकार ने 22 सितंबर से जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी घटाकर इलाज को सस्ता करने का बड़ा फैसला लिया है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा।
भारत सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। 22 सितंबर से जीवन रक्षक लगभग 33 दवाओं पर जीएसटी दर 12% से घटाकर शून्य (0%) कर दी जाएगी। वहीं अन्य दवाओं पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% किया गया है। इसके अलावा आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी की दवाओं, डायग्नोस्टिक किट, चश्मे, थर्मामीटर, सर्जिकल उपकरण और चिकित्सा/पशु चिकित्सा उपकरणों पर भी जीएसटी में कटौती की गई है। इस निर्णय का उद्देश्य इलाज को सस्ता और स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।
मैक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर और ऑर्थोपेडिक्स यूनिट हेड डॉ. अखिलेश यादव ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि जीएसटी में कमी आने से जीवन रक्षक दवाइयां और मेडिकल उपकरण आम आदमी तक आसानी से पहुंच पाएंगे। उन्होंने बताया कि छोटे शहरों के अस्पतालों और चिकित्सकों के लिए यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। अब सर्जिकल उपकरण और दवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब लोग भी महंगे इलाज करवा सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल इंश्योरेंस पर जीएसटी हटने से आम जनता को सीधा फायदा मिलेगा। उच्च लागत वाले इलाज अब पहले की तुलना में सस्ते और सुलभ हो जाएंगे।
इस फैसले से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों में संतोष है। उनका कहना है कि जीएसटी घटने या खत्म होने से महंगी दवाओं और इलाज का बोझ कम होगा और अब हर वर्ग का व्यक्ति जरूरी चिकित्सा सेवाओं का लाभ ले सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम समाज के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा क्योंकि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में समानता बढ़ेगी और हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं आसानी से पहुंचेंगी।