प्रधानमंत्री मोदी ने INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों संग मनाई दीपावली, कहा – तीनों सेनाओं के समन्वय से पाकिस्तान को झुकना पड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ दीपावली मनाई और कहा कि तीनों सेनाओं के समन्वय से ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को झुकना पड़ा। INS विक्रांत को आत्मनिर्भर भारत की शक्ति बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गोवा और कारवार तट पर स्थित स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर नौसेना के वीर जवानों के साथ दीपावली का पर्व मनाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं — थलसेना, वायुसेना और नौसेना — के असाधारण समन्वय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि INS विक्रांत भारत की रक्षा क्षमता, आत्मनिर्भरता और तकनीकी कौशल का प्रतीक है। यह केवल एक युद्धपोत नहीं, बल्कि 21वीं सदी के भारत की प्रतिभा, संकल्प और वैश्विक प्रभाव का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके पराक्रम के कारण ही भारत ने माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है।
उन्होंने याद दिलाया कि 7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था, जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की प्रतिक्रिया थी। इस अभियान के तहत भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के भीतर स्थित कई आतंकी ठिकानों पर समन्वित हमले किए थे, जिससे आतंकवाद की जड़ों पर बड़ा प्रहार हुआ।
नौसेना कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे यह पावन त्योहार देश के उन रक्षकों के साथ मना रहे हैं जो सीमाओं और समुद्र दोनों की सुरक्षा में जुटे हैं। उन्होंने कहा, “आज एक अद्भुत क्षण है — एक ओर मेरे सामने विशाल सागर है, और दूसरी ओर भारत माता के शूरवीरों की ताकत।” प्रधानमंत्री ने कहा कि “समुद्र पर सूरज की किरणों की चमक वैसी ही है, जैसी वीर जवानों द्वारा प्रज्वलित दीपावली के दीपों की आभा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वे अपने पहले कार्यकाल से ही दीपावली देश के वीर जवानों के साथ मनाने की परंपरा निभा रहे हैं। पहले वर्ष उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों के साथ दीपावली मनाई थी, जबकि पिछले वर्ष सर क्रीक क्षेत्र में तैनात सीमा रक्षकों के साथ त्योहार मनाया था। उन्होंने कहा कि यह परंपरा उनके लिए गर्व और प्रेरणा दोनों है, क्योंकि सशस्त्र बल देश की असली ताकत हैं, जिनकी वजह से भारत सुरक्षा और विकास दोनों क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।