एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी, पुतिन से मुलाकात और शी जिनपिंग संग बातचीत ने बढ़ाया कूटनीतिक महत्व

चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने फोटो सेशन में हिस्सा लिया। उन्होंने पुतिन से गर्मजोशी से मुलाकात की और शी जिनपिंग संग द्विपक्षीय संबंध सुधारने पर चर्चा की।

एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी, पुतिन से मुलाकात और शी जिनपिंग संग बातचीत ने बढ़ाया कूटनीतिक महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के फोटो सेशन में हिस्सा लिया। इस सत्र में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य सदस्य देशों के नेता मौजूद थे। पीएम मोदी ने इस क्षण को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में।”

इस साल एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी चीन कर रहा है। संगठन में 8 सदस्य देश शामिल हैं, जिनका फोकस यूरेशियाई क्षेत्र में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर रहता है। यह यात्रा खास महत्व रखती है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं और यह दौरा भारत-चीन सीमा विवाद (2020) के बाद की स्थिति में नए संकेत देता है।

शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन को आपसी बातचीत करते देखा गया। खासकर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात चर्चा का केंद्र रही, जिसमें दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर और गले लगकर मित्रता का प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात है।”

रविवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी फंग लियुआन ने अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सम्मान में भोज का आयोजन किया। इससे पहले, रविवार को ही प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की दस महीनों बाद मुलाकात हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से जुड़े लंबित मुद्दों को हल करने का संकल्प जताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब संबंध ‘सार्थक दिशा’ में आगे बढ़ रहे हैं और सीमाओं पर शांति का माहौल है। वहीं चीनी सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने राष्ट्रपति शी के हवाले से बताया कि तियानजिन में हुई यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों को ‘नई ऊंचाई पर ले जाएगी’ और इनके सतत, स्वस्थ एवं स्थिर विकास को बढ़ावा देगी।