जिन्होंने राम मंदिर में अटकाएं रोडे, अब कर रहे हैं राम भगवान की बात :- सांसद विष्णुदत्त शर्मा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लटकाने, भटकाने, अटकाने वाले और प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताने वाले कांग्रेस नेता किस मुंह से राम मंदिर पर बात कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद विष्णुदत्त शर्मा का बयान
जिन्होंने राम मंदिर में अटकाएं रोडे, अब कर रहे हैं राम भगवान की बात
जो थे राम द्रोही चुनाव में बन गए राम प्रेमी
भगवान राम को काल्पनिक बताने वाले अब किस मुंह से कर रहे भगवान राम की बात
विष्णुदत्त शर्मा
भोपाल, दिनांक 26/10/2023। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लटकाने, भटकाने, अटकाने वाले और प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताने वाले कांग्रेस नेता किस मुंह से राम मंदिर पर बात कर रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि याद रहे कि बाबरी विध्वंस के बाद भाजपा की चार राज्य सरकारों को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बरखास्त किया था। जिसमें मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार भी शामिल थी। जिसे बाद में सुप्रीमकोर्ट ने असंवैधानिक बताया था। कांग्रेस की सरकार में कमलनाथ ने मंदिरों से लाउड स्पीकर पर प्रतिबंध लगा दिया था। कुछ दिन पहले कमलनाथ ने खुद के जन्मदिन पर मंदिर रूपी केक काटा था ,जो सच्चा हिंदू नहीं कर सकता।
सरकार में सनातन विरोधी कमलनाथ शामिल थे
प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बाबरी मस्जिद को फिर से बनाने का की बात कही थी। यह निर्णय लेने वाली सरकार में सनातन विरोधी कमलनाथ प्रमुखता से शामिल थे। यह तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल का असर और हमारी हिंदुत्व के विचारों की विजय है कि बाबरी के पैरोकार कमलनाथ आज राम मंदिर को सनातन का मंदिर बता रहे हैं।
चुनावी माहौल में कमलनाथ को भगवान राम याद आ गए
प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि चुनाव करीब आए तो कमलनाथ को अब अयोध्या मंदिर याद आ गया। कमलनाथ और कांग्रेस सिर्फ चुनावी हिंदू है। कांग्रेस की यूपीए सरकार में भगवान राम ,सीता माता, भरत आदि को काल्पनिक चरित्र बताकर सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया था। सनातन विरोधी घमंडिया गठबंधन लगातार हिंदू और सनातन पर हमला कर रहा है तब कमलनाथ मौन रहते हैं। पहले कांग्रेस को बताना होगा कि क्या वो सनातन को डेंगू, मलेरिया बताने वालों का समर्थन करती है या नहीं। लेकिन इस मामले में कमलनाथ ने चुप्पी साध रखी है। चुनाव करीब आए तो वोटों की खातिर अब राम मंदिर की बात करके चुनावी हिंदू बन गए। लेकिन जनता इनकी बातों में नहीं आएगी। प्रदेश की जनता जानती है कि कौन सनातन धर्म का पालन करता है और कौन नहीं।