मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, बताया श्रीकृष्ण का जीवन साहस और प्रेरणा का प्रतीक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन साहस, धर्म और प्रेरणा का पाथेय है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, बताया श्रीकृष्ण का जीवन साहस और प्रेरणा का प्रतीक

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कठिनाइयों और संघर्षों से भरा हुआ था, फिर भी उन्होंने कभी अपने कर्त्तव्यों से मुंह नहीं मोड़ा। श्रीकृष्ण हमें जीवन की हर परिस्थिति में मुस्कुराना और साहसपूर्वक आगे बढ़ना सिखाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग को वश में कर उसके फन पर नृत्य किया और कंस जैसे अत्याचारी का वध कर समाज को अन्याय और दुष्टों के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी। उनकी यह वीरोचित भूमिका आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगी।

डॉ. यादव ने कहा कि महाभारत के युद्ध में भी श्रीकृष्ण ने कर्मवाद और धर्म का संदेश दिया। उन्होंने दिखाया कि चाहे परिस्थिति कितनी भी विकट क्यों न हो, धैर्य और बुद्धि के साथ धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन में हमें अनेक रूप दिखाई देते हैं—गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण, श्रीराधा-कृष्ण, योगीराज, विराट स्वरूप और द्वारकाधीश के रूप में। ललित कलाओं में उनकी अद्वितीय पारंगतता ने विश्व को नई दिशा दी।

डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सदैव पूजनीय हैं और उनका जीवन हर युग में समाज के लिए साहस, भक्ति और प्रेरणा का आधार बना रहेगा।