धर्मेंद्र का 89 वर्ष की उम्र में निधन, बॉलीवुड ने खोया अपना बॉलीवुड का ‘ही-मैन’

बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र का 89 वर्ष की उम्र में निधन। छह दशक से अधिक के करियर वाले इस दिग्गज अभिनेता ने आज अंतिम सांस ली। देशभर में शोक की लहर।

धर्मेंद्र का 89 वर्ष की उम्र में निधन, बॉलीवुड ने खोया अपना बॉलीवुड का ‘ही-मैन’

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र का आज 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। छह दशक से अधिक लंबे करियर और 300 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके धर्मेंद्र सिंह देओल ने अपने निवास पर अंतिम सांस ली। वह इस महीने की शुरुआत में सांस संबंधी जटिलताओं के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हुए थे।

धर्मेंद्र के निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है। उनके प्रशंसक, सहयोगी और फिल्म जगत के बड़े कलाकार इस दुखद समाचार से स्तब्ध हैं। 1960 में अपने फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र ने बहुत कम समय में हिंदी सिनेमा में एक सुपरस्टार का मुकाम हासिल कर लिया। रोमांटिक हीरो से लेकर दमदार एक्शन स्टार तक, उन्होंने हर शैली में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।

उनकी यादगार फिल्मों में शोले में निभाया गया आइकॉनिक किरदार ‘वीरू’, फूल और पत्थर, सीता और गीता, चुपके चुपके, धर्म वीर और प्रतीज्ञा जैसी क्लासिक फिल्मों का नाम प्रमुख है। धर्मेंद्र की स्वाभाविक अभिनय शैली और शक्तिशाली स्क्रीन उपस्थिति ने उन्हें दुनियाभर में करोड़ों प्रशंसकों का प्रिय बनाया।

1997 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 2012 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया, जो देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

धर्मेंद्र आखिरी बार 2024 की फिल्म तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया में नजर आए थे, जिसमें उन्होंने शाहिद कपूर के दादा का किरदार निभाया था। वह रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में भी दिखाई दिए थे, जहां उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से खूब सराहना मिली। उनकी आखिरी रिलीज होने वाली फिल्म इक्कीस होगी, जिसमें वह अगस्त्य नंदा के दादा का किरदार निभा रहे हैं।

धर्मेंद्र अपने पीछे पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी, पहली पत्नी प्रकाश कौर, बेटे सनी देओल और बॉबी देओल, तथा बेटियों ईशा देओल और अहाना देओल को छोड़ गए हैं। उनका जाना हिंदी सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी फिल्में और उनका करिश्मा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।