गुजरात में भारी बारिश और डैम हाई अलर्ट, IMD ने 7 से 10 सितंबर तक मछुआरों को दी चेतावनी

गुजरात में भारी बारिश से 123 डैम हाई अलर्ट पर, 5,598 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए। IMD ने 7 से 10 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी।

गुजरात में भारी बारिश और डैम हाई अलर्ट, IMD ने 7 से 10 सितंबर तक मछुआरों को दी चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात में मौसम को देखते हुए मछुआरों को 7 से 10 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार इस दौरान समुद्र में लहरें तेज होंगी और मौसम खराब रहने की संभावना है।

इसी बीच राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने जानकारी दी है कि सरदार सरोवर डैम अपनी कुल क्षमता के 91.26 प्रतिशत तक भर चुका है, जिसमें इस समय 3,09,048 एमसीएफटी पानी संग्रहित है। राज्य के कुल 206 जलाशयों में से 123 डैम हाई अलर्ट पर हैं, 20 अलर्ट पर और 14 चेतावनी स्तर पर पहुंच गए हैं। गुजरात के सभी जलाशयों में इस समय कुल 4,67,920 एमसीएफटी पानी है, जो कुल भंडारण क्षमता का 83.87 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है। अब तक 1 जून से 5,598 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 1,045 लोगों को बचाया गया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए 12 एनडीआरएफ और 22 एसडीआरएफ की टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।

इस बार गुजरात का मानसून कई मायनों में अलग रहा है। शुरुआती दौर में तेज बारिश, बीच-बीच में असमान वितरण और फिर अचानक तेज वापसी ने पूरे सीजन को खास बना दिया। जून का महीना पिछले दस सालों में सबसे ज्यादा बारिश वाला रहा, जब राज्य ने केवल 20 दिनों में अपने पूरे मानसून सीजन का एक-तिहाई पानी प्राप्त कर लिया। दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कई इलाकों में इस दौरान भारी बारिश दर्ज की गई।

जुलाई के मध्य तक राज्य में 51-54 प्रतिशत मौसमी औसत बारिश हो चुकी थी। हालांकि इसमें क्षेत्रीय असमानता साफ नजर आई—कच्छ में करीब 60 प्रतिशत बारिश हुई, जबकि उत्तर गुजरात में यह 50 प्रतिशत से भी कम रही। अगस्त तक राज्य ने 64 प्रतिशत औसत पार कर लिया। वहीं देवभूमि द्वारका जिले में 2,000 मिमी से अधिक बारिश हुई, जो सामान्य से 135 प्रतिशत ज्यादा थी। दूसरी ओर, गिर सोमनाथ और अमरेली जैसे सौराष्ट्र के जिलों में 20 से 59 प्रतिशत तक बारिश की कमी दर्ज की गई।

सितंबर की शुरुआत तक राज्य ने अपने मौसमी लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत हासिल कर लिया है। दक्षिण गुजरात 94 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, सितंबर महीने में राज्य में 109 प्रतिशत लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) यानी सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।