नेपाल हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी निगरानी, ककरहवा बॉर्डर पर सख्ती
नेपाल में जेन जेड आंदोलन के बाद हुई हिंसा के चलते भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। ककरहवा बॉर्डर पर एसएसबी ने निगरानी बढ़ाई और आईडी जांच अनिवार्य कर दी है।
नेपाल में हाल ही में हुए जेन जेड आंदोलन और उसके दौरान फैली हिंसा के बाद भारतीय सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) ने ककरहवा बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। सीमा पर अब भारतीय नागरिकों को पहचान पत्र और नेपाली नागरिकों को आईडी कार्ड दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।
नेपाल में सरकार बनने के बाद खुला भन्सार
नेपाल की नई प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के शपथ ग्रहण और नए आदेशों के बाद कई दिनों से बंद पड़ा भन्सार (कस्टम पोस्ट) फिर से शुरू हो गया है। इसके चलते दोनों देशों के बीच नागरिकों का आवागमन और व्यापारिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
अपराधियों की घुसपैठ रोकने के लिए सख्ती
सीमा सुरक्षा बल ने स्पष्ट किया है कि नेपाल से भागे कैदियों और अपराधियों के भारत में प्रवेश पर रोक लगाने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। हर आने-जाने वाले की जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
68 किलोमीटर लंबी सीमा पर चुनौती
भारत-नेपाल की 68 किलोमीटर लंबी खुली सीमा सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा से चुनौती रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से गहरे रहे हैं। अब नेपाल में शांति बहाल होने और नई सरकार बनने के बाद लोगों को आपसी रिश्तों और व्यापारिक संबंधों में नए अवसरों की उम्मीद है।