आरबीआई ने जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस आवेदन किया खारिज

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस आवेदन पात्रता मानदंड पूरे न करने के कारण वापस कर दिया है। बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में आवेदन किया था।

आरबीआई ने जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस आवेदन किया खारिज

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने मंगलवार को जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उनके यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के आवेदन को पात्रता मानदंड पूरे न करने के कारण वापस कर दिया है। बैंक ने यह आवेदन वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में जमा किया था, जब उसने यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए जरूरी शर्तों में से एक – लगातार दो वर्षों तक ग्रॉस एनपीए (GNPAs) 3 प्रतिशत से कम और नेट एनपीए (NNPAs) 1 प्रतिशत से कम – का मानदंड पूरा किया था।

हालांकि, केंद्रीय बैंक ने यह स्पष्ट किया कि बैंक पात्रता के अन्य शर्तों पर खरा नहीं उतर रहा है, इसलिए आवेदन को फिलहाल लौटाया जा रहा है। आरबीआई के अनुसार, सर्कुलर में निर्धारित कुछ मानकों को पूरा न करने के कारण यूनिवर्सल बैंक में स्वैच्छिक परिवर्तन का प्रस्ताव अस्वीकार किया गया है।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने इस संबंध में स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करते हुए कहा, “9 जून को आरबीआई को भेजे गए आवेदन के जवाब में हमें सूचित किया गया है कि बैंक पात्रता के सभी मानदंडों को पूरा नहीं करता, इसलिए आवेदन को वापस किया गया है।”

आरबीआई के इस निर्णय के बाद बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर 1:22 बजे तक शेयर 2.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ ₹447.20 प्रति शेयर पर था। बीते पांच कारोबारी सत्रों में बैंक के शेयर ने 2.12 प्रतिशत रिटर्न दिया है, जबकि एक महीने में 1.57 प्रतिशत और छह महीने में 13.37 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले एक वर्ष में शेयर का प्रदर्शन लगभग स्थिर रहा है।

वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने ₹75 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जिससे बैंक का पहली छमाही का कुल मुनाफा ₹177 करोड़ हो गया। इस अवधि में बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 6.6 प्रतिशत, सकल एनपीए 2.8 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.9 प्रतिशत रहा।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक की स्थापना वर्ष 2018 में हुई थी। यह भारत का चौथा सबसे बड़ा स्मॉल फाइनेंस बैंक है, जो 23 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में 802 शाखाओं के माध्यम से 1.2 करोड़ से अधिक ग्राहकों को वित्तीय सेवाएं प्रदान कर रहा है।