मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में गोमती पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में गोमती पुस्तक महोत्सव 2025 का उद्घाटन किया। पुस्तक महोत्सव में 250+ प्रकाशकों की हजारों प्रेरक और रचनात्मक पुस्तकें प्रदर्शित हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में गोमती पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय मनीषा और वैदिक ज्ञान में शब्द और ब्रह्म का अद्वितीय महत्व है। उन्होंने पुस्तक के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अच्छी पुस्तक जीवन में सर्वोत्तम मार्गदर्शक होती है और हमें सामूहिक रूप से पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि स्मार्टफोन पर समय खर्च करने की बजाय प्रतिदिन कम से कम एक घंटे रचनात्मक और प्रेरक पुस्तकों को दें।

मुख्यमंत्री जी ने लखनऊ विश्वविद्यालय में गोमती पुस्तक महोत्सव के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। यह मेला 20 से 28 सितम्बर, 2025 तक चलेगा, जिसमें पुस्तक प्रेमियों को विभिन्न विषयों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध होंगी। उन्होंने भारत की वैदिक परंपरा और ऋषियों जैसे याज्ञवल्क्य, मैत्रेयी और कात्यायनी की शिक्षाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पुस्तकों और ज्ञान से ही समाज और जीवन का कल्याण संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने दुनिया को विश्वविद्यालयों की श्रृंखला दी है। तक्षशिला विश्वविद्यालय, जहां विज्ञान, गणित, साहित्य, खगोल और आयुर्वेद के विद्वान पढ़ते थे, इसका उल्लेख उन्होंने किया। उन्होंने मौलिक कृति और लेखन की आवश्यकता पर जोर देते हुए रामायण और श्रीरामचरितमानस जैसे उदाहरण प्रस्तुत किए। बच्चों और युवाओं को स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक का सही उपयोग करने की सलाह दी और कहा कि शेष समय पुस्तकों और ज्ञान के लिए समर्पित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने यह भी बताया कि इस पुस्तक मेले में 250 से अधिक प्रकाशक अपनी पुस्तकें प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का हवाला देते हुए कहा, “When Citizen Reads, The Country Leads”, और बच्चों से कहा कि पुस्तकों के विचारों को व्यवहार में उतारकर जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। आगामी नवम्बर में गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।