मध्यप्रदेश में 42 हजार से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, बिजली बिल में बचत और पर्यावरण संरक्षण में योगदान

मध्यप्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में 42 हजार से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, पीएम सूर्यघर योजना से 24 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को 180 करोड़ की सब्सिडी।

मध्यप्रदेश में 42 हजार से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, बिजली बिल में बचत और पर्यावरण संरक्षण में योगदान

मध्यप्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में रूफटॉप सोलर ऊर्जा का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। अब तक इस क्षेत्र में 42 हजार से अधिक स्थानों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। हाल ही में आयोजित सेवा पखवाड़े में मालवा-निमाड़ के 1000 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर सोलर संयंत्र लगवाए।

प्रदेश में लागू पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पिछले वर्ष से अब तक 24 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लगभग 180 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उपभोक्ताओं को इस कदम के लिए बधाई दी और कहा कि यह न केवल बिजली बिल में बचत करता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देता है।

मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सेवा पर्व के दौरान 15 जिलों में विशेष अभियान चलाकर हजारों नए उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों को योजना की जानकारी दी गई और वाहनों के माध्यम से दृश्य-श्रव्य प्रचार भी किया गया।

अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह तक मालवा-निमाड़ में रूफटॉप सोलर से जुड़ने वालों की संख्या 42 हजार पार कर गई है। कंपनी की कुल रूफटॉप सोलर नेट मीटर क्षमता अब 300 मेगावॉट से अधिक हो चुकी है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक उपभोक्ता को 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है।

सबसे अधिक उपभोक्ता इंदौर शहर सीमा में हैं, जहां 21,500 उपभोक्ता इस योजना से जुड़े हैं। इंदौर में नेट मीटर योजना के तहत कुल विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 125 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है, जो बिजली की आपूर्ति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण योगदान साबित हो रही है।