एक लाख से अधिक आनंदक पहुँचा रहे खुशियाँ

राज्य आनंद संस्थान के साथ वर्तमान में एक लाख से अधिक आनंदक जुड़े हुए हैं। आनंदक अपने कर्तव्य तथा विचारों से दूसरों को खुशियाँ प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।

एक लाख से अधिक आनंदक पहुँचा रहे खुशियाँ

राज्य आनंद संस्थान के साथ वर्तमान में एक लाख से अधिक आनंदक जुड़े हुए हैं। आनंदक अपने कर्तव्य तथा विचारों से दूसरों को खुशियाँ प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही उन्हें आनंद संस्थान की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरणा दे रहे है।

'आनंदक' राज्य आनंद संस्थान के कार्यों में सहयोग करने वाले स्वयंसेवी कार्यकर्ता हैं। आनंदक नि:शुल्क एवं स्वैच्छिक रूप से स्वप्रेरणा से कार्य कर रहे हैं। कोई भी व्यक्ति 'आनंदक' के रूप में पंजीकृत होने तथा कार्यक्रमों में भागीदारी के लिये राज्य आनंद संस्थान की वेबसाइट www.anandsansthanmp.in का उपयोग कर सकता है।

संस्थान के कार्यक्रम निदेशक श्री सत्य प्रकाश आर्य ने बताया कि देश में आनंद के प्रसार के लिये शासकीय स्तर पर पहल करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। राज्य सरकार ने अगस्त 2016 में राज्य आनंद संस्थान का गठन आनंद विभाग के अंतर्गत किया था। राज्य के पूर्ण विकास के लिये नागरिकों की मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक उन्नति और प्रसन्नता पहुँचाना संस्थान का उद्देश्य है।