SEBI विदेशी निवेशकों के लिए नए सुधार ला रहा है, डिजिटल प्रक्रियाओं पर खास जोर
SEBI विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए डिजिटल और पेपरलेस सिस्टम ला रहा है। नए सुधारों से एंट्री प्रक्रिया आसान होगी और भारतीय पूंजी बाजार को और मजबूत बनाने का लक्ष्य है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बड़े सुधारों पर काम कर रहा है। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा कि नियामक का लक्ष्य वैश्विक निवेशकों के लिए विश्व-स्तरीय प्रवेश और संचालन वातावरण तैयार करना है।
श्री पांडे ने बताया कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में एफपीआई देश के सूचीबद्ध इक्विटी बाजार का 17 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं और उनके कुल निवेश परिसंपत्तियां 876 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उन्हें पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
SEBI द्वारा विकसित की जा रही नई प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी, जिसमें डिजिटल सिग्नेचर और उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल होंगे। यह बदलाव डेटा गोपनीयता और प्रोसेसिंग की गति दोनों को बेहतर बनाएगा, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश और संचालन अधिक सहज हो सकेगा।
नियामक भारतीय पूंजी बाजार को गहराई देने के लिए कई कदम भी उठा रहा है। श्री पांडे ने कहा कि SEBI शॉर्ट सेलिंग तथा सिक्योरिटीज लेंडिंग और बॉरोइंग फ्रेमवर्क का व्यापक पुनरावलोकन करने के लिए एक वर्किंग ग्रुप स्थापित कर रहा है। इस समीक्षा का उद्देश्य कैश और डेरिवेटिव मार्केट के बीच समन्वय को और मजबूत करना है, जिससे बाजार अधिक स्थिर और प्रभावी हो सके।