तेघरा के पिपरा दोदराज पंचायत में शराबबंदी लागू करने के लिए ग्रामीणों ने अपनाई अनोखी पहल

तेघरा प्रखंड के पिपरा दोदराज पंचायत के ग्रामीणों ने शराबबंदी सख्ती से लागू करने के लिए जुर्माना प्रणाली और निगरानी समिति बनाकर गांव को नशामुक्त बनाने की अनोखी पहल की।

तेघरा के पिपरा दोदराज पंचायत में शराबबंदी लागू करने के लिए ग्रामीणों ने अपनाई अनोखी पहल

तेघरा प्रखंड के पिपरा दोदराज पंचायत के ग्रामीणों ने शराबबंदी को सख्ती से लागू कराने के लिए एक अनोखी पहल की है, जो अब जिलेभर में चर्चा का विषय बन गई है।

जगदंबा स्थान परिसर में आयोजित सामूहिक बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि कोई व्यक्ति शराब पीते या नशे की हालत में पाया गया, तो उस पर ₹5100 का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, शराब बेचते हुए पकड़े जाने पर ₹11,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्रखंड प्रमुख राम स्वार्थ सहनी ने की और संचालन पंचायत के मुखिया नीरज प्रभाकर ने किया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शराबियों के उपद्रव और झगड़ों से लोग लंबे समय से परेशान थे। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए यह सामूहिक निर्णय लिया गया।

बैठक में उपस्थित महिला और पुरुषों ने शपथ ली कि अब गांव में कोई भी शराब बेचेगा या पिएगा, तो सभी मिलकर जुर्माना लगाएंगे और अपने गांव को पूरी तरह शराब मुक्त बनाएंगे।

ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत के अलग-अलग इलाकों में अवैध महुआ शराब के ठिकाने सक्रिय हो जाते हैं, जिन्हें समाप्त करना आवश्यक है। इस उद्देश्य से एक 11 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया गया है, जिसमें वार्ड सदस्य प्राण पासवान, अमर पासवान, सुरेश सहनी, मोहम्मद केसर, माला देवी, विनोद शाह और राजू सहनी सहित कई ग्रामीण शामिल हैं।

ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि यह पहल केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि समाज को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।