Deprecated: Return type of LayerShifter\TLDExtract\Result::offsetExists($offset) should either be compatible with ArrayAccess::offsetExists(mixed $offset): bool, or the #[\ReturnTypeWillChange] attribute should be used to temporarily suppress the notice in /var/www/e5ed3c17-325c-4fc4-9d59-fa15e2ca3c7a/public_html/old/application/third_party/domain-parser/layershifter/tld-extract/src/Result.php on line 189
Deprecated: Return type of LayerShifter\TLDExtract\Result::offsetGet($offset) should either be compatible with ArrayAccess::offsetGet(mixed $offset): mixed, or the #[\ReturnTypeWillChange] attribute should be used to temporarily suppress the notice in /var/www/e5ed3c17-325c-4fc4-9d59-fa15e2ca3c7a/public_html/old/application/third_party/domain-parser/layershifter/tld-extract/src/Result.php on line 203
Deprecated: Return type of LayerShifter\TLDExtract\Result::offsetSet($offset, $value) should either be compatible with ArrayAccess::offsetSet(mixed $offset, mixed $value): void, or the #[\ReturnTypeWillChange] attribute should be used to temporarily suppress the notice in /var/www/e5ed3c17-325c-4fc4-9d59-fa15e2ca3c7a/public_html/old/application/third_party/domain-parser/layershifter/tld-extract/src/Result.php on line 251
Deprecated: Return type of LayerShifter\TLDExtract\Result::offsetUnset($offset) should either be compatible with ArrayAccess::offsetUnset(mixed $offset): void, or the #[\ReturnTypeWillChange] attribute should be used to temporarily suppress the notice in /var/www/e5ed3c17-325c-4fc4-9d59-fa15e2ca3c7a/public_html/old/application/third_party/domain-parser/layershifter/tld-extract/src/Result.php on line 267
A PHP Error was encountered
Severity: 8192
Message: Creation of dynamic property CI_DB_mysqli_driver::$failover is deprecated
Filename: database/DB_driver.php
Line Number: 371
Backtrace:
File: /var/www/e5ed3c17-325c-4fc4-9d59-fa15e2ca3c7a/public_html/old/application/config/config.php
Line: 338
Function: DB
कैसे पहचानें कैंसर की दवा असली है या नकली, नाम या दाम कैसे सामने आएगी हकीकत?
कैसे पहचानें कैंसर की दवा असली है या नकली, नाम या दाम कैसे सामने आएगी हकीकत?
Cancer Drug: हाल ही में दिल्ली में क्राइम ब्रांच ने कैंसर कीमोथेरेपी की नकली दवाओं (cancer chemotherapy fake drugs)की एक बड़ी खेप को पकड़ते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग अस्पतालों में कैंसर के मरीजों और दवा बेचने वालों को नकली दवाएं देकर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे थे. देखा जाए तो कैंसर यूं भी जानलेवा बीमारी है और नकली दवाओं के चलते इसके इलाज में और ज्यादा दिक्कतें आ सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि कैंसर की दवा हो या कोई अन्य दवा, इसे खरीदने से पहले जांच कर लेनी चाहिए कि कहीं दवा नकली तो नहीं है. चलिए आज कुछ ऐसे ही प्वाइंट्स पर बात करते हैं जिनके जरिए पहचाना जा सकता है कि दवा असली है या नकली.
असली और नकली दवा की ऐसे करें पहचान
देखा जाए तो असली और नकली दवा की बिलकुल सटीक जांच तो लैब में ही संभव है लेकिन कुछ खास तरीके हैं जिनको फॉलो करके आप असली और नकली दवा की पहचान कर सकते हैं. इसमें सबसे पहला तरीका है क्यूआरकोड की जांच का. आपको बता दें कि सौ रुपए से महंगी हर दवा पर एक क्यूआर कोड जरूर छपा होता है. अगर आपकी दवा के दाम सौ रुपए से ज्यादा हैं तो क्यूआर कोड जरूर चैक करें. अगर दवा पर क्यूआर कोड नहीं है तो दवा ना खरीदें और इसकी जानकारी प्रशासन को जरूर दें.
आमतौर पर अंग्रेजी दवाओं के नाम काफी मुश्किल होते हैं. ये पढ़ने में नहीं आते और इसलिए अक्सर इनके नाम से मिलते जुलते नाम वाली नकली दवाएं बाजार में आ जाती हैं. आपको जो दवा चाहिए, उसका सही नाम इंटरनेट पर चैक करें या डॉक्टर से पूछें. इसके बाद आप जो दवा खरीद रहे हैं, उसके नाम और पैकेजिंग से इसकी तुलना करें. अगर दवा सील पैक नहीं है,इसकी पैकेजिंग अलग है या साइज अलग है तो दवा ना खरीदें.
अगर किसी दवा में गोलियां अजीबोगरीब हालत में हैं, भुरभुरी दिख रही हैं, हाथ लगाते ही टूट रही हैं और उन पर बुलबुले जैसी कोटिंग है तो दवा ना खरीदें. दवा पर ज्यादा शाइनिंग दिख रही है तो भी दवा नकली हो सकती है. ऐसी दवाओं को नहीं खरीदना ही समझदारी है. दवा खरीदने से पहले उसकी एक्सपाइरी डेट पर जरूर ध्यान दें. कई बार एक्सपाइरी डेट काफी धुंधली हो जाती है जिसके चलते असली और नकली दवा की पहचान कर पाना संभव नहीं हो पाता है.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
यह भी पढ़ें: तेल ही नहीं नारियल के पानी में भी हैं बालों के लिए कई जादुई गुण, इस तरह करें इस्तेमाल
Cancer Drug: हाल ही में दिल्ली में क्राइम ब्रांच ने कैंसर कीमोथेरेपी की नकली दवाओं (cancer chemotherapy fake drugs)की एक बड़ी खेप को पकड़ते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग अस्पतालों में कैंसर के मरीजों और दवा बेचने वालों को नकली दवाएं देकर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे थे. देखा जाए तो कैंसर यूं भी जानलेवा बीमारी है और नकली दवाओं के चलते इसके इलाज में और ज्यादा दिक्कतें आ सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि कैंसर की दवा हो या कोई अन्य दवा, इसे खरीदने से पहले जांच कर लेनी चाहिए कि कहीं दवा नकली तो नहीं है. चलिए आज कुछ ऐसे ही प्वाइंट्स पर बात करते हैं जिनके जरिए पहचाना जा सकता है कि दवा असली है या नकली.
असली और नकली दवा की ऐसे करें पहचान
देखा जाए तो असली और नकली दवा की बिलकुल सटीक जांच तो लैब में ही संभव है लेकिन कुछ खास तरीके हैं जिनको फॉलो करके आप असली और नकली दवा की पहचान कर सकते हैं. इसमें सबसे पहला तरीका है क्यूआरकोड की जांच का. आपको बता दें कि सौ रुपए से महंगी हर दवा पर एक क्यूआर कोड जरूर छपा होता है. अगर आपकी दवा के दाम सौ रुपए से ज्यादा हैं तो क्यूआर कोड जरूर चैक करें. अगर दवा पर क्यूआर कोड नहीं है तो दवा ना खरीदें और इसकी जानकारी प्रशासन को जरूर दें.
आमतौर पर अंग्रेजी दवाओं के नाम काफी मुश्किल होते हैं. ये पढ़ने में नहीं आते और इसलिए अक्सर इनके नाम से मिलते जुलते नाम वाली नकली दवाएं बाजार में आ जाती हैं. आपको जो दवा चाहिए, उसका सही नाम इंटरनेट पर चैक करें या डॉक्टर से पूछें. इसके बाद आप जो दवा खरीद रहे हैं, उसके नाम और पैकेजिंग से इसकी तुलना करें. अगर दवा सील पैक नहीं है,इसकी पैकेजिंग अलग है या साइज अलग है तो दवा ना खरीदें.
अगर किसी दवा में गोलियां अजीबोगरीब हालत में हैं, भुरभुरी दिख रही हैं, हाथ लगाते ही टूट रही हैं और उन पर बुलबुले जैसी कोटिंग है तो दवा ना खरीदें. दवा पर ज्यादा शाइनिंग दिख रही है तो भी दवा नकली हो सकती है. ऐसी दवाओं को नहीं खरीदना ही समझदारी है. दवा खरीदने से पहले उसकी एक्सपाइरी डेट पर जरूर ध्यान दें. कई बार एक्सपाइरी डेट काफी धुंधली हो जाती है जिसके चलते असली और नकली दवा की पहचान कर पाना संभव नहीं हो पाता है.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.