खरीफ सीजन में खेती को मिली रफ्तार, समय पर खाद-बीज मिलने से किसानों में उत्साह
खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद-बीज मिलने से खेती को मिली रफ्तार, बिलासपुर जिले के किसानों ने जताई संतुष्टि, सरकारी योजनाओं से मिला लाभ।
खरीफ सीजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में खेती-किसानी ने जोर पकड़ लिया है। रोपा और बियासी का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे समय में शासन द्वारा समय पर और रियायती दर पर खाद-बीज की उपलब्धता ने किसानों का उत्साह दोगुना कर दिया है।
बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक के बैमा-नगोई गांव के किसान इस बार बेहद संतुष्ट नजर आ रहे हैं। उन्हें न तो लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और न ही महंगे दामों पर खाद-बीज खरीदने की मजबूरी है।
नगोई सहकारी समिति से खाद लेने आए किसान प्रदीप कुमार शास्त्री, जो 6 एकड़ में खेती करते हैं, ने बताया कि उन्हें यूरिया, डीएपी और नैनो डीएपी बिना किसी परेशानी के मिल गया है। खाद की गुणवत्ता अच्छी है और वह रियायती दर पर उपलब्ध है। इसी प्रकार किसान कालिका प्रसाद पाण्डेय (4 एकड़) और राजेन्द्र प्रसाद गुरूदीवान ने भी समिति की व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें समय पर खाद-बीज मिलने से खेती में आसानी हो रही है।
समिति द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए किसानों को आवश्यक जानकारी मिल जाती है, जिससे व्यवस्था और आसान हो गई है। किसानों ने यह भी बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और कृषक उन्नति योजना का लाभ भी मिल रहा है।
किसानों का कहना है कि सरकार की मदद से खेती अब घाटे का नहीं, बल्कि मुनाफे का सौदा बनती जा रही है। मौसम भी इस बार अनुकूल है, जिससे उन्हें अच्छी पैदावार की उम्मीद है।