राजमार्ग विकास के जरिए भारत की प्रगति: मंत्री हर्ष मल्होत्रा का बड़ा बयान

भारत सरकार राजमार्गों के ज़रिए देश के विकास की नई इबारत लिख रही है: हर्ष मल्होत्रा।

राजमार्ग विकास के जरिए भारत की प्रगति: मंत्री हर्ष मल्होत्रा का बड़ा बयान

केंद्रीय कॉरपोरेट मामले एवं सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली में आयोजित सड़क एवं राजमार्ग शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और श्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में भारत विश्वस्तरीय सड़क परिवहन अवसंरचना की ओर तेजी से अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने के लिए शहरों को जोड़ने, राजमार्गों का तेजी से विस्तार करने और देश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। श्री मल्होत्रा ने आधुनिक राजमार्गों को केवल सड़क नहीं, बल्कि प्रगति की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि ये नेटवर्क देशवासियों के जीवन को आसान, तेज और सुरक्षित बना रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में जहां राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 91,000 किलोमीटर था, वहीं अब यह 1.46 लाख किलोमीटर को पार कर चुका है, जिससे यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क बन गया है। वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक सड़क अवसंरचना पर सरकार का खर्च 6.4 गुना बढ़ा है। वहीं वर्ष 2014 से 2023-24 तक बजट में 57% की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से 45 करोड़ मानव दिवस प्रत्यक्ष, 57 करोड़ अप्रत्यक्ष और 532 करोड़ प्रेरित रोजगार सृजित हुए हैं, जिससे बुनियादी ढांचे के माध्यम से रोजगार के अवसरों का विस्तार हुआ है।

पूर्वोत्तर भारत में पिछले दशक में 10,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है। श्री मल्होत्रा ने दिल्ली डीकंजेशन प्लान का भी उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में जाम और प्रदूषण कम करने के लिए विभिन्न एक्सप्रेसवे और सुरंग परियोजनाएं शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि 2028-29 तक देश में 700 से अधिक वेसाइड सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें स्वच्छ शौचालय, गुणवत्तापूर्ण भोजन, ईंधन स्टेशन, ईवी चार्जिंग पॉइंट्स और विश्राम स्थल शामिल होंगे।

उन्होंने सड़क सुरक्षा पर भी जोर दिया और बताया कि अब तक 14,000 से अधिक ब्लैक स्पॉट्स को ठीक किया गया है। इसके अलावा गुड समैरिटन योजना और कैशलेस गोल्डन ऑवर योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

पर्यावरण के क्षेत्र में ‘हरित राजमार्ग नीति’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी पहलों के जरिए अब तक 4.78 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। साथ ही लगभग 70 हजार पेड़ों का प्रत्यारोपण भी किया गया है।

मंत्री ने बताया कि अहमदाबाद-धोलेरा और यूईआर-II जैसी परियोजनाओं में 80 लाख टन प्लास्टिक कचरे और थर्मल पावर प्लांट्स की फ्लाई ऐश का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जा रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को साकार करने के लिए राजमार्गों का विकास जरूरी है क्योंकि इस क्षेत्र में निवेश से देश को तीन गुना लाभ, रोजगार, और राजस्व मिलता है। सरकार सिर्फ सड़कें नहीं बना रही, बल्कि एक मजबूत, समृद्ध और टिकाऊ भारत की नींव रख रही है।