एनजेआईटी के शोधकर्ताओं ने जनरेटिव एआई से खोजे मल्टीवेलेंट-आयन बैटरियों के लिए सस्ते और टिकाऊ विकल्प

एनजेआईटी के वैज्ञानिकों ने जनरेटिव एआई की मदद से मल्टीवेलेंट आयन बैटरियों के लिए पांच नई बैटरी सामग्री खोजी, जो सस्ती, टिकाऊ और लिथियम के विकल्प के रूप में तैयार की जा सकती हैं।

एनजेआईटी के शोधकर्ताओं ने जनरेटिव एआई से खोजे मल्टीवेलेंट-आयन बैटरियों के लिए सस्ते और टिकाऊ विकल्प

न्यू जर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NJIT) के वैज्ञानिकों ने ऊर्जा भंडारण के भविष्य से जुड़ी एक गंभीर चुनौती का समाधान ढूंढने के लिए जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया है। यह शोध Cell Reports Physical Science में प्रकाशित हुआ है।

प्रोफेसर दिबाकर दत्ता के नेतृत्व में टीम ने मल्टीवेलेंट-आयन बैटरियों के लिए नई पोर्स (छिद्रयुक्त) सामग्रियों की खोज की है। ये बैटरियां मैग्नीशियम, कैल्शियम, एल्युमिनियम और जिंक जैसे सस्ते और आसानी से उपलब्ध तत्वों पर आधारित होती हैं, जो लिथियम-आयन बैटरियों का पर्यावरणीय और आपूर्ति संकट का विकल्प बन सकती हैं।

मल्टीवेलेंट आयन एक बार में दो या तीन इलेक्ट्रॉन ले जा सकते हैं, जिससे ऊर्जा घनता अधिक होती है, लेकिन उनके बड़े आकार और अधिक चार्ज के कारण उन्हें बैटरी सामग्री में समायोजित करना कठिन होता है। एनजेआईटी की टीम ने इसी चुनौती को AI तकनीक से हल किया है।

प्रोफेसर दत्ता ने बताया, “सबसे बड़ी बाधा यह थी कि लाखों संभावित सामग्री संयोजनों का परीक्षण करना व्यावहारिक रूप से असंभव था। हमने जनरेटिव एआई का प्रयोग करके इस प्रक्रिया को तेज, व्यवस्थित और सटीक बनाया।”

टीम ने Crystal Diffusion Variational Autoencoder (CDVAE) और एक विशेष रूप से तैयार Large Language Model (LLM) का उपयोग कर हजारों क्रिस्टल संरचनाएं खोजीं। CDVAE को ज्ञात क्रिस्टल डेटा से प्रशिक्षित किया गया था ताकि वह बिल्कुल नई और विविध संरचनाएं प्रस्तावित कर सके, वहीं LLM ने थर्मोडायनामिक स्थिरता के करीब सामग्रियों को चुना।

इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पांच नई ट्रांजिशन मेटल ऑक्साइड संरचनाएं खोजी गईं, जिनमें मल्टीवेलेंट आयनों के संचरण के लिए बड़े और खुले चैनल मौजूद हैं — जो भविष्य की बैटरियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इन संरचनाओं की क्वांटम यांत्रिक सिमुलेशन और स्थायित्व परीक्षणों के ज़रिए पुष्टि भी की गई।

प्रोफेसर दत्ता ने कहा, “यह सिर्फ नई बैटरी सामग्री की खोज नहीं है, बल्कि यह एक तेज, मापनीय और भरोसेमंद विधि है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर हर प्रकार के क्लीन एनर्जी सॉल्यूशन के लिए उपयोगी हो सकती है।”

अब टीम इन सामग्रियों को प्रयोगशालाओं में वास्तविक रूप से तैयार और परीक्षण करने के लिए सहयोग शुरू करने जा रही है, ताकि वाणिज्यिक मल्टीवेलेंट-आयन बैटरियों की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।