थाईलैंड के बैंकॉक में चल रहे छठे बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी हैं उपस्थित, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोहराई प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थाईलैंड के बैंकॉक में चल रहे छठे बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने बिम्स्टेक के सदस्य देशों-बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यामां,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थाईलैंड के बैंकॉक में चल रहे छठे बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने बिम्स्टेक के सदस्य देशों-बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यामां, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन देशों के प्रयासों से लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा।
शिखर सम्मेलन का विषय है – बिम्स्टेक- समृद्ध लचीला और मुक्त। बैंकॉक दृष्टि पत्र 2030 को शिखर सम्मेलन में अंगीकार किया जाएगा और बिम्स्टेक प्रमुख व्यक्तियों के समूह की रिपोर्ट का भी अनुमोदन किया जाएगा। इस रिपोर्ट में बिम्स्टेक के लिए भविष्य की दिशाओं की रूपरेखा दी गई है। श्री मोदी दो दिन की थाईलैंड यात्रा पर हैं। कल उन्होंने थाईलैंड के प्रधानमंत्री पेंटोंगटर्न शिनावात्रा से द्विपक्षीय वार्ता की।
दोनों नेताओं ने भारत और थाईलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। राजनीतिक आदान-प्रदान, रक्षा, सुरक्षा साझेदारी, रणनीतिक संपर्क, व्यापार और निवेश तथा लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने के तरीकों पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की।
उन्होंने संपर्क बढ़ाने, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, नवाचार, डिजिटल प्रणाली, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संगठित अपराध, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के तरीकों में सहयोग पर भी विचाार-विमर्श किया।
वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ तथा उप क्षेत्रीय, क्षेत्रीय और बिम्स्टेक, आसियान और मैंकॉक गंगा सहयोग जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। दोनों नेताओं की उपस्थिति में भारत-थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने की संयुक्त घोषणा का आदान-प्रदान भी हुआ।
हथकरघा और हस्तशिल्प, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों तथा समुद्री विरासत से जुड़े क्षेत्रों में सहमति पत्रों का भी आदान-प्रदान हुआ। दोनों नेताओं ने भारत थाईलैंड वाणिज्य दूतावास संवाद स्थापित करने की पहल का स्वागत किया जो दोनों देशों के बीच लोगों का संपर्क बढ़ाने में मदद करेगी।
बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में आज श्रीलंका जाएंगे। श्रीलंका की तीन दिन की सरकारी यात्रा के दौरान श्री मोदी वहां के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इससे पहले राष्ट्रपति दिसानायके ने पद ग्रहण करने के बाद भारत का दौरा किया था जो राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की श्रीलंका की यह चौथी यात्रा है। भारत और श्रीलंका के संबंध इतिहास, धर्म, संस्कृति और लोागें के संबंधों पर आधारित हैं। श्रीलंका भारत की पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने की नीति का अभिन्न हिस्सा है और दोनों देशों के संबंध समय की हर कसौटी पर खरे उतरे हैं।