न्यायमूर्ति सूर्यकांत बने देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिलाई शपथ

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत बने देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिलाई शपथ

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India - CJI) के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सुबह राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। उन्होंने न्यायमूर्ति बी.आर. गवई का स्थान लिया, जो कल सेवानिवृत्त हुए।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, तथा केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

साल 1962 में हरियाणा के हिसार में जन्मे न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 1984 में हिसार जिला अदालत से वकालत शुरू की। वे मुख्य रूप से संवैधानिक, सेवा और सिविल मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने कई विश्वविद्यालयों, बोर्डों, निगमों, बैंकों और स्वयं हाई कोर्ट का भी प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2000 में वे हरियाणा के सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल नियुक्त किए गए।

साल 2004 में उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 2018 में वे हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए। मई 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल लगभग 15 महीनों का होगा।