शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ, मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी
एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी केवल लार्जकैप तक सीमित रही, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट, एफआईआई ने फिर की बिकवाली।
एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हरे निशान में हुई। हालांकि, यह तेजी केवल लार्जकैप शेयरों तक ही सीमित रही, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। बुधवार सुबह 9:35 बजे सेंसेक्स 175 अंकों की बढ़त के साथ 82,365 पर और निफ्टी 58 अंकों की तेजी के साथ 25,119 पर कारोबार कर रहा था।
कमजोर रहे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर
शुरुआती कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने लार्जकैप के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 211 अंक गिरकर 58,891 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 97 अंक गिरकर 18,795 पर आ गया।
निफ्टी 40-एचईएमए से ऊपर टिक नहीं पाया
पीएल कैपिटल के सलाहकार प्रमुख विक्रम कासत के अनुसार निफ्टी 40 एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (40-HEMA) से ऊपर टिकने में नाकाम रहा, जो अब 25,104 तक नीचे आ गया है। उन्होंने कहा कि यदि निफ्टी 25,182 के ऊपर बंद होता है तो यह ट्रेंड में बदलाव का संकेत हो सकता है, जबकि 24,882 एक मजबूत सपोर्ट के रूप में कार्य करेगा।
सेक्टोरल प्रदर्शन मिला-जुला
ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, मेटल, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रास्ट्रक्चर और कमोडिटी इंडेक्स में तेजी रही, वहीं आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, रियल्टी और मीडिया इंडेक्स लाल निशान में दिखे।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में टाटा मोटर्स, मारुति, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, जोमैटो, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, एयरटेल, इंफोसिस, टाटा स्टील, एलएंडटी और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप गेनर्स में रहे। वहीं टाइटन, टेक महिंद्रा, बीईएल, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, आईटीसी, एसबीआई, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
वैश्विक बाजारों का मिला समर्थन
अधिकांश एशियाई बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। टोक्यो, सियोल, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के बाजारों में बढ़त देखी गई। हालांकि अमेरिकी बाजार मिश्रित रुख के साथ बंद हुए, जहां डाउ जोंस में तेजी और नैस्डैक में गिरावट रही।
अमेरिकी निवेशकों की सीमित प्रतिक्रिया
विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी निवेशक दूसरी तिमाही के नतीजों से बहुत अधिक प्रभावित नहीं दिखे। हालांकि कुछ कंपनियों ने इस चुनौतीपूर्ण समय में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन निवेशकों की अपेक्षाएं उससे अधिक थीं।
एफआईआई की बिकवाली जारी, डीआईआई बने खरीदार
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार दूसरे दिन 3,548 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार 12वें दिन 5,239 करोड़ रुपये की खरीदारी की।