भारत ने बढ़ाया कदम एडवांस्ड चिप डिजाइन की ओर, IIT मद्रास ने बनाया 7 नैनोमीटर प्रोसेसर

भारत ने एडवांस्ड चिप डिजाइन में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। IIT मद्रास ने ‘शक्ति’ प्रोग्राम के तहत 7 नैनोमीटर प्रोसेसर डिजाइन किया है, जो आत्मनिर्भर भारत मिशन को नई गति देगा।

भारत ने बढ़ाया कदम एडवांस्ड चिप डिजाइन की ओर, IIT मद्रास ने बनाया 7 नैनोमीटर प्रोसेसर

भारत ने सेमीकंडक्टर तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। सरकार ने घोषणा की है कि देश अब एडवांस्ड चिप डिजाइन की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। इसी क्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने अपने ‘शक्ति’ (SHAKTI) प्रोग्राम के तहत 7 नैनोमीटर प्रोसेसर का डिजाइन तैयार किया है। यह प्रोसेसर भविष्य में चिप निर्माण की दिशा में भारत की तैयारी को और सशक्त बनाएगा।

सरकार के अनुसार, यह पहल भारत को अमेरिका, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे उन देशों की श्रेणी में खड़ा करती है, जो एडवांस्ड चिप डिजाइन में अग्रणी हैं। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत मिशन के सेमीकंडक्टर लक्ष्य को नई दिशा प्रदान करेगी।

‘शक्ति’ प्रोसेसर को विशेष रूप से तेज गति और कम ऊर्जा खपत के लिए तैयार किया गया है। इसका उपयोग वित्तीय सेवाओं, संचार, रक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में किया जा सकेगा। यह तकनीक न केवल कंप्यूटर प्रोसेसिंग की क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि ऊर्जा दक्षता में भी महत्वपूर्ण सुधार लाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) इस परियोजना का संचालन कर रहा है, जो इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) से जुड़ी है। इस मिशन के तहत 76,000 करोड़ रुपये की लागत से 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

सरकार का कहना है कि यह 7 एनएम प्रोसेसर डिजाइन 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सुपरकंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों को समर्थन देगा। इसके साथ ही भारत आयातित चिप्स पर अपनी निर्भरता को कम करने में सफल होगा।

भविष्य में सरकार सब-7 एनएम रिसर्च, एडवांस्ड टेस्टिंग और डिजाइन सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाने जा रही है। इससे न केवल तकनीकी स्वावलंबन बढ़ेगा, बल्कि देश में नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

इस उपलब्धि के साथ भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।