मंत्री गजेन्द्र यादव ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, जल्द शुरू होगी 5000 शिक्षकों की भर्ती

छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विभागीय समीक्षा बैठक में 5000 शिक्षकों की भर्ती, पाठ्यपुस्तक वितरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मंत्री गजेन्द्र यादव ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, जल्द शुरू होगी 5000 शिक्षकों की भर्ती

स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) नवा रायपुर अटल नगर में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंत्री ने विभागीय कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

मंत्री ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों की छपाई से लेकर वितरण और परिवहन तक की प्रक्रिया एक ही टेंडर के माध्यम से की जाए ताकि समय और धन की बचत हो। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले 5000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। साथ ही शिक्षकों और जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कराना अनिवार्य किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक में सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण श्री ऋतुराज रघुवंशी और एमडी समग्र शिक्षा श्री संजीव कुमार झा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री यादव ने बताया कि राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती लोक सेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाठ्यपुस्तक वितरण की स्थिति स्पष्ट की जाए और प्रशिक्षण कार्यक्रम अब अनिवार्य रूप से एससीईआरटी के माध्यम से संचालित हों।

बैठक में भवनविहीन स्कूलों को फुल फर्निश्ड स्कूलों के रूप में विकसित करने, तदर्थ स्कूलों की राशि और बजट के पूर्ण उपयोग पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि राशि लैप्स न हो इसके लिए अभी से कार्ययोजना बनाई जाए।

बड़े शहरों में नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के सहयोग से विशेष कक्षाएं शुरू करने पर विचार किया गया। वहीं शाला त्यागी बच्चों को पुनः स्कूलों से जोड़ने के लिए अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को सामग्री वितरण की अग्रिम तैयारी की जाए। परीक्षा समाप्त होने के बाद शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा और प्रशिक्षण उपरांत परीक्षा लेकर उनकी दक्षता का मूल्यांकन होगा। इसके लिए एक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा और डीआईईटी/बीआईईटी को सशक्त बनाया जाएगा।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी से कार्य करें।