दमोह में मेधावी बच्चों के लिए निशुल्क IIT-JEE कोचिंग: समर्पण पहल

दमोह जिले में आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी बच्चों के लिए "समर्पण" नामक निशुल्क कोचिंग क्लास शुरू की गई है, जिसमें "सुपर 100" विद्यार्थियों को IIT-JEE की तैयारी के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा। यह पहल बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर परिणाम दिलाने का लक्ष्य रखती है।

दमोह में मेधावी बच्चों के लिए निशुल्क IIT-JEE कोचिंग: समर्पण पहल

दमोह जिले में आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कलेक्टर की पहल पर शिक्षा विभाग ने "समर्पण" नाम से निशुल्क कोचिंग क्लास शुरू की है, जिससे अब होनहार बच्चे IIT और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बड़ा शहर जाने या भारी शुल्क भरने से मुक्त होंगे।

इस पहल के पहले बैच में नगरीय क्षेत्र से सलेक्ट किए गए "सुपर 100" बच्चों को शामिल किया गया है। इन विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम द्वारा बड़े निजी संस्थानों की तरह ही मार्गदर्शन मिलेगा। यह जिला स्तर पर अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उनके सपनों के करीब लेकर आना है। 

सुपर 100: चयनित बच्चों का पहला बैच

शुरुआत में केवल 100 छात्रों का चयन किया गया है, जिन्हें कोचिंग के दौरान IIT-JEE के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा रणनीति और समय प्रबंधन में भी प्रशिक्षित करेगी। इस पहल से बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।

यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा में अवसर प्रदान करता है, बल्कि इससे बच्चों और उनके परिवारों में एक नई उम्मीद और आत्मविश्वास भी जागृत होगा।

सामाजिक सहयोग और भविष्य की दिशा

साथ ही, इस पहल को सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी व्यापक समर्थन मिला है। समाजसेवी सिद्धार्थ मलैया ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल बच्चों को आगे बढ़ने का मौका प्रदान करेगी और आर्थिक चुनौती बाधा नहीं बनने देगी।

भोपाल से लेकर दमोह तक शिक्षा के इस नए अध्याय से यह उम्मीद की जा रही है कि देश के बादशाह बच्चों में से उतने ही प्रतिभावान युवा निकले, जो आईआईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने में सक्षम हों।

यह पहल भारत के ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्र-छात्राओं के लिए एक मिसाल है, जो शिक्षा के क्षेत्र में उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।