कुशीनगर बनेगा अंतरिक्ष प्रतियोगिता का केंद्र, 27 से 29 अक्टूबर तक होगा IN-SPACe CANSAT और मॉडल रॉकेट्री इंडिया स्टूडेंट कॉम्पिटिशन

कुशीनगर में 27 से 29 अक्टूबर 2025 तक ISRO, IN-SPACe और एयरोस्पेस सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर की “IN-SPACe CANSAT और मॉडल रॉकेट्री इंडिया स्टूडेंट कॉम्पिटिशन” आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर से 700 छात्र-छात्राएँ भाग लेंगे।

कुशीनगर बनेगा अंतरिक्ष प्रतियोगिता का केंद्र, 27 से 29 अक्टूबर तक होगा IN-SPACe CANSAT और मॉडल रॉकेट्री इंडिया स्टूडेंट कॉम्पिटिशन

पूर्वी उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि कुशीनगर अब अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रही है।
तमकुहीराज तहसील के जीरो बंधे पर 27 से 29 अक्टूबर 2025 तक राष्ट्रीय स्तर की “IN-SPACe CANSAT और मॉडल रॉकेट्री इंडिया स्टूडेंट कॉम्पिटिशन” का आयोजन किया जाएगा।

यह भव्य कार्यक्रम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), IN-SPACe (Indian National Space Promotion and Authorization Centre) और एयरोस्पेस सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा।

देशभर से 700 छात्र दिखाएँगे अंतरिक्ष प्रतिभा

इस प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न स्कूलों से करीब 700 छात्र-छात्राएँ भाग लेंगे। प्रतिभागी रॉकेट लांचिंग और मॉडल रॉकेट्री प्रतियोगिताओं में अपनी वैज्ञानिक सोच और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में विज्ञान, नवाचार और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति जिज्ञासा और रुचि को बढ़ावा देना है।

कुशीनगर का गौरव बढ़ाएगा आयोजन

देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी और जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि यह आयोजन न केवल जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह पूर्वांचल क्षेत्र को राष्ट्रीय वैज्ञानिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा,

“यह प्रतियोगिता न केवल छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि उन्हें अंतरिक्ष अनुसंधान के वास्तविक अनुभव से भी जोड़ेगी।”

बच्चों में बढ़ेगी विज्ञान और नवाचार की भावना

इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को रॉकेट निर्माण, लॉन्चिंग तकनीक, और उपग्रह डिजाइन की प्रारंभिक समझ प्रदान की जाएगी।
आयोजक संस्थाओं का मानना है कि ऐसे आयोजन भारत के युवा वैज्ञानिकों को भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की दिशा में तैयार करेंगे।

कुशीनगर की यह ऐतिहासिक मेजबानी भारत के बढ़ते स्पेस एजुकेशन नेटवर्क की नई पहचान बनेगी। यह आयोजन न केवल जिले की प्रतिष्ठा बढ़ाएगा बल्कि बच्चों में “मेेड इन इंडिया स्पेस साइंस” के सपने को भी नई उड़ान देगा।