वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 में भारत का जलवा, ग्रेटर नोएडा में 9 गोल्ड मेडल के साथ शानदार समापन

वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 में भारत ने ग्रेटर नोएडा में अपने डेब्यू अभियान का शानदार समापन करते हुए 9 गोल्ड मेडल जीते, जिनमें महिला मुक्केबाज़ों का ऐतिहासिक सात स्वर्ण शामिल है।

वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 में भारत का जलवा, ग्रेटर नोएडा में 9 गोल्ड मेडल के साथ शानदार समापन

भारत ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 में अपने पदार्पण अभियान का ऐतिहासिक समापन करते हुए आज ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में कुल नौ गोल्ड मेडल अपने नाम किए। अंतिम दिन भारत के मुक्केबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया।

महिला वर्ग में भारतीय मुक्केबाज़ों ने स्वर्ण वर्षा करते हुए कुल सात गोल्ड मेडल अपने नाम किए। जैस्मिन लैंबोरिया, निकहत ज़रीन, पर्वीन हुड्डा, अरुंधति चौधरी, प्रीति पवार, मिनाक्षी हुड्डा और नूपुर श्योराण ने अपने-अपने वर्गों में गोल्ड जीतकर भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। जैस्मिन लैंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में चीनी ताइपे की वू शिह यी को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। निकहत ज़रीन ने 51 किलोग्राम वर्ग में चीनी ताइपे की ज़ुआन यी गुओ को 5-0 से मात दी। पर्वीन हुड्डा ने 60 किलोग्राम मुकाबले में जापान की अयाका तगुची को कड़े संघर्ष में 3-2 से हराकर गोल्ड जीता।

70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने उज्बेकिस्तान की अज़ीज़ा जोकिरोवा को 5-0 से हराया, जबकि प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम मुकाबले में इटली की सिरीन चराबी को 5-0 से मात देकर गोल्ड हासिल किया। 48 किलोग्राम वर्ग में मिनाक्षी हुड्डा ने उज्बेकिस्तान की फोज़िलोवा फर्ज़ोना को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। नूपुर श्योराण ने 80 प्लस किलोग्राम वर्ग में उज्बेकिस्तान की ओल्तिनॉय सोतिम्बोएवा को हराकर स्वर्ण जीता।

पुरुष वर्ग में भी भारत ने दमदार प्रदर्शन किया। सचिन सिवाच और हितेश गुलिया ने अपने-अपने वर्गों में गोल्ड मेडल जीते। सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किलोग्राम फाइनल में पेरिस ओलंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट किर्गिस्तान के मुनारबेक सेइतबेक ऊलू को हराते हुए स्वर्ण पर कब्ज़ा जमाया। हितेश गुलिया ने 70 किलोग्राम वर्ग में कज़ाखस्तान के मुर्सल नुरबेक को मात देकर गोल्ड जीता।

पुरुषों ने चार सिल्वर मेडल भी अपने नाम किए। 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश पंघाल इंग्लैंड के ओलादिमेजी शिट्टू से हार गए। 65 किलोग्राम वर्ग में अभिनाश जम्वाल जापान के शियन निशियामा से कड़े मुकाबले में हार गए। 55 किलोग्राम वर्ग में पवन बर्तवाल उज्बेकिस्तान के समंदर ओलिमोव से हारकर रजत पर संतुष्ट हुए। 50 किलोग्राम वर्ग में जादुमणि सिंह तीन रोमांचक राउंडों के बाद उज्बेकिस्तान के असीलबेक जलीलोव से हारकर रजत जीत पाए।

ग्रेटर नोएडा में यह प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए एक नई ऐतिहासिक उपलब्धि बनकर दर्ज हुआ है, जिसने विश्व स्तर पर भारत की मजबूती और बढ़ते वर्चस्व को साबित किया है।