उत्तर प्रदेश के तीन विश्वविद्यालयों में 948 नए पदों का सृजन, उच्च शिक्षा को मिलेगा बल

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद, मिर्जापुर और बलरामपुर के तीन विश्वविद्यालयों में 948 नए पदों की मंजूरी दी। इससे उच्च शिक्षा मजबूत होगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उत्तर प्रदेश के तीन विश्वविद्यालयों में 948 नए पदों का सृजन, उच्च शिक्षा को मिलेगा बल

उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद), मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर) और मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) में कुल 948 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इसमें 468 अस्थायी शिक्षणेतर पद और 480 आउटसोर्सिंग पद शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि इन पदों के सृजन से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक और कार्यात्मक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रदेश के युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री की टिप्पणी

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मंत्री ने बताया कि यह निर्णय विश्वविद्यालयों को मजबूत बनाने और प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा और रोजगार दोनों उपलब्ध कराना है। नए पदों का सृजन इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जो उच्च शिक्षा को सशक्त और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

468 अस्थायी शिक्षणेतर पद

प्रत्येक विश्वविद्यालय में 156 अस्थायी शिक्षणेतर पद सृजित किए गए हैं, जो 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेंगे और आवश्यकतानुसार समाप्त किए जा सकते हैं। इन पदों में शामिल हैं:

  • फार्मासिस्ट

  • इलेक्ट्रिशियन

  • अवर अभियंता

  • आशुलिपिक

  • सहायक लेखाकार

  • कनिष्ठ सहायक

  • लैब टेक्नीशियन और लैब असिस्टेंट

  • उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव

  • वैयक्तिक सहायक

  • लेखाकार, प्रधान सहायक

  • चिकित्साधिकारी और स्टाफ नर्स

इन पदों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया से की जाएगी।

480 आउटसोर्सिंग पद

इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विश्वविद्यालय में 160 पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से पूरे किए जाएंगे, जिससे कुल 480 पद बनते हैं। इसमें शामिल हैं:

  • कम्प्यूटर ऑपरेटर

  • स्वच्छकार

  • चौकीदार

  • माली

  • चपरासी

  • वाहन चालक

  • पुस्तकालय परिचर

आउटसोर्सिंग प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। सभी नियुक्तियों में आरक्षण से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य होगा।

सरकार का कहना है कि इस पहल से विश्वविद्यालयों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।