UP: बसपा ने कांशीराम के करीबी रहे जगन्नाथ को यहां से दिया टिकट, पहली बार लड़ेंगे लोस चुनाव; उलझे जातीय समीकरण
फूलपुर संसदीय सीट से बसपा के प्रत्याशी घोषित किए गए पार्टी के प्रयागराज मंडल के जोन प्रभारी जगन्नाथ पाल कांशीराम के नजदीकी लोगों में से रहे हैं।
फूलपुर संसदीय सीट से बसपा के प्रत्याशी घोषित किए गए पार्टी के प्रयागराज मंडल के जोन प्रभारी जगन्नाथ पाल कांशीराम के नजदीकी लोगों में से रहे हैं।
फूलपुर संसदीय सीट से बसपा के प्रत्याशी घोषित किए गए पार्टी के प्रयागराज मंडल के जोन प्रभारी जगन्नाथ पाल कांशीराम के नजदीकी लोगों में से रहे हैं। यहां तक कि कांशीराम जब फूलपुर से लोकसभा का चुनाव लड़े थे, उनके केंद्रीय भोजनालय और केंद्रीय कार्यालय का संचालन जगन्नाथ पाल के घर से ही किया गया था।
बसपा ने उन्हें प्रत्याशी घोषित कर ओबीसी वोटरों को अपनी ओर खींचने का प्रयास भी किया है, जो विपक्षी दलों के लिए चुनौतियां पेश करेगा। जगन्नाथ पाल का भले ही पहला लोकसभा चुनाव हो लेकिन कांशीराम से जुड़े रहने के दौरान उन्होंने राजनीति के सभी दांवपेच सीखे।
बकौल जगन्नाथ उन्हें याद नहीं कि बसपा से कब जुड़े लेकिन यह याद है कि 1988 में जब सेंट जोसेफ कॉलेज में कांशीराम का कार्यक्रम हुआ था तो वह भी शामिल हुए थे और तभी से उनसे जुड़ गए।
सेना में नौकरी के दौरान पैर में चोट लग जाने से उन्होंने 1993 में सेवानिवृत्ति ले ली थी और इसके बाद राजनीति में सक्रिय हो गए। वह बसपा में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 1995 से 1997 तक बसपा के विधानसभा महासचिव, 1997 से 1999 तक जिला उपाध्यक्ष रहे। अलग-अलग समय में मिर्जापुर, कानपुर, लखनऊ, देवी पाठन मंडल के जोन प्रभारी रहे और वर्तमान में प्रयागराज मंडल के जोन प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।