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Line: 338
Function: DB
सावधान ! इस खास विटामिन की कमी से बढ़ रहीं हैं दिल की बीमारियां, जरा सी गलती जा सकती है जान
सावधान ! इस खास विटामिन की कमी से बढ़ रहीं हैं दिल की बीमारियां, जरा सी गलती जा सकती है जान
Heart Disease : बिगड़ती लाइफस्टाइल और खराब खानपान की वजह से पिछले कुछ सालों में हार्ट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. WHO के मुताबिक, हार्ट डिजीज एक जानलेवा बीमारी है. इसकी सबसे गंभीर बात ये है कि उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा और ज्यादा होता है. कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. वैसे तो हार्ट की बीमारी का मुख्य कारण लाइफस्टाइल और डाइट होती है लेकिन एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि खास विटामिन की कमी से भी दिल की बीमारियां (Heart Disease) बढ़ सकती हैं.
विटामिन डी और हार्ट डिजीज का कनेक्शन
यूरोपियन हार्ट जर्नल में पब्लिश इस अध्ययन में बताया गया है कि ऐसे लोग जिनमें विटामिन डी की कमी होती है, उनमें हार्ट से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा, बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है. अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि अपने खाने में विटामिन डी को पूरा करने वाली चीजों को शामिल करना चाहिए. शरीर के लिए यह विटामिन काफी महत्वपूर्ण है. इस अध्ययन में बताया गया है कि ऐसे लोग जिनमें विटामिन-डी की कमी है, उनमें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा ज्यादा होता है. यह हार्ट की बीमारी का मुख्य कारण माना जाता है. इस विटामिन की कमी होने पर हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर जैसी बीमारियों का खतरा बाकी लोगों के मुकाबले दो गुना ज्यादा हो सकती है.
क्या कहता है अध्ययन
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया में प्रोफेसर एलिना हाइपोनन का कहना है कि लोगों में विटामिन डी की गंभीर कमी के मामले बहुत ही कम देखने को मिलता है. हालांकि, इसकी सामान्य कमी भी हार्ट पर निगेटिव असर डाल सकती है. अध्ययन में बताया गया है कि शहर में रहने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी ज्यादा देखने को मिल रही है. इसका एक कारण पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रोशनी न मिल पाना है. इसलिए लोगों को सावधान रहना चाहिए.यह अध्ययन करीब 267,980 लोगों पर किया गया है. इसमें विटामिन डी की कमी और सीवीडी के बीच कनेक्शन का रिजल्ट मिले हैं.
विटामिन-डी की कमी कैसे पूरा करें
हेल्थ एख्सपर्ट्स के मुताबिक, खानपान में कुछ विशेष बदलाव करके विटामिन-डी की कमी को पूरा किया जा सकता है. हर किसी को सुबह सूरज की रोशनी के संपर्क में आना चाहिए. कई अध्ययनों में पता चलता है कि आहार में फैटी फिश, जैसे ट्यूना, मैकेरल और सैल्मन, कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स, संतरे, सोया मिल्क और साबुत अनाज के साथ पनीर, अंडे और मूंगफली को शामिल कर विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
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Heart Disease : बिगड़ती लाइफस्टाइल और खराब खानपान की वजह से पिछले कुछ सालों में हार्ट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. WHO के मुताबिक, हार्ट डिजीज एक जानलेवा बीमारी है. इसकी सबसे गंभीर बात ये है कि उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा और ज्यादा होता है. कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. वैसे तो हार्ट की बीमारी का मुख्य कारण लाइफस्टाइल और डाइट होती है लेकिन एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि खास विटामिन की कमी से भी दिल की बीमारियां (Heart Disease) बढ़ सकती हैं.
विटामिन डी और हार्ट डिजीज का कनेक्शन
यूरोपियन हार्ट जर्नल में पब्लिश इस अध्ययन में बताया गया है कि ऐसे लोग जिनमें विटामिन डी की कमी होती है, उनमें हार्ट से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा, बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है. अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि अपने खाने में विटामिन डी को पूरा करने वाली चीजों को शामिल करना चाहिए. शरीर के लिए यह विटामिन काफी महत्वपूर्ण है. इस अध्ययन में बताया गया है कि ऐसे लोग जिनमें विटामिन-डी की कमी है, उनमें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा ज्यादा होता है. यह हार्ट की बीमारी का मुख्य कारण माना जाता है. इस विटामिन की कमी होने पर हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर जैसी बीमारियों का खतरा बाकी लोगों के मुकाबले दो गुना ज्यादा हो सकती है.
क्या कहता है अध्ययन
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया में प्रोफेसर एलिना हाइपोनन का कहना है कि लोगों में विटामिन डी की गंभीर कमी के मामले बहुत ही कम देखने को मिलता है. हालांकि, इसकी सामान्य कमी भी हार्ट पर निगेटिव असर डाल सकती है. अध्ययन में बताया गया है कि शहर में रहने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी ज्यादा देखने को मिल रही है. इसका एक कारण पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रोशनी न मिल पाना है. इसलिए लोगों को सावधान रहना चाहिए.यह अध्ययन करीब 267,980 लोगों पर किया गया है. इसमें विटामिन डी की कमी और सीवीडी के बीच कनेक्शन का रिजल्ट मिले हैं.
विटामिन-डी की कमी कैसे पूरा करें
हेल्थ एख्सपर्ट्स के मुताबिक, खानपान में कुछ विशेष बदलाव करके विटामिन-डी की कमी को पूरा किया जा सकता है. हर किसी को सुबह सूरज की रोशनी के संपर्क में आना चाहिए. कई अध्ययनों में पता चलता है कि आहार में फैटी फिश, जैसे ट्यूना, मैकेरल और सैल्मन, कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स, संतरे, सोया मिल्क और साबुत अनाज के साथ पनीर, अंडे और मूंगफली को शामिल कर विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.