होलिका दहन और तरावीह एक साथ, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

इस वर्ष 13 मार्च को होलिका दहन और मस्जिदों में तरावीह की नमाज एक साथ आयोजित होगी। इसे देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।

होलिका दहन और तरावीह एक साथ, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

इस वर्ष 13 मार्च को होलिका दहन और मस्जिदों में तरावीह की नमाज एक साथ आयोजित होगी। इसे देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। शहर में ऐसी 100 मस्जिदों की पहचान की गई है, जिनके पास ही होलिका दहन कार्यक्रम होगा। इस दौरान रावतपुर रामलला मंदिर से मसवानपुर-जामा मस्जिद होते हुए जाने वाले जुलूस के समय लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

13 मार्च की रात लगभग 250 मस्जिदों में तरावीह पढ़ी जाएगी, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर होलिका दहन भी होगा। इसको ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, सुरक्षा, बिजली और पानी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार, अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर, उप जिलाधिकारी सदर समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

होलिका दहन और होली के दिन हुड़दंग और नशेबाजी पर विशेष नजर रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अशांति फैलाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस और थाने की फोर्स सड़कों और चौराहों पर ब्रीथ एनालाइजर से जांच करेगी। कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा को लेकर शहर के चारों जोनों को अतिसंवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य श्रेणियों में बांटा है।

पूर्वी जोन में 19 अति-संवेदनशील, 59 संवेदनशील और 627 सामान्य होलिका स्थलों की पहचान की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर 16 इंस्पेक्टर, 278 दारोगा, 415 हेड कांस्टेबल, 50 महिला सिपाही, तीन क्यूआरटी, 114 होमगार्ड और डेढ़ प्लाटून पीएसी को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा सीपीएमएफ, फायर टेंडर और घुड़सवार पुलिस को भी सुरक्षा के लिए लगाया गया है।

शराब की अवैध बिक्री रोकने के लिए विशेष चेकिंग टीमें गठित की गई हैं। मिश्रित और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए 1,20,564 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद ली जाएगी। साथ ही, सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

शहर के कोतवाली, रावतपुर और बाबूपुरवा थानों में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा होली के दौरान बजने वाले साउंड सिस्टम की आवाज को नियंत्रित रखने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

पुलिस प्रशासन ने पुराने विवादों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं। पूर्व में महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बैजाखेड़ा (2019), नरवल थाना क्षेत्र के ग्राम आखिरी (2013), रावतपुर थाना क्षेत्र के मसवानपुर, काकादेव के शास्त्रीनगर और नजीराबाद के रंजीतनगर में विवाद हो चुके हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।