अररिया में "राष्ट्र के लिए मध्यस्थता" अभियान शुरू

ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, अररिया द्वारा मध्यस्थता के महत्व को लेकर 90 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है, जिससे नागरिक शीघ्र और शांतिपूर्ण न्याय प्राप्त कर सकेंगे।

अररिया में "राष्ट्र के लिए मध्यस्थता" अभियान शुरू

ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, अररिया द्वारा "राष्ट्र के लिए मध्यस्थता" (Mediation) के महत्व को लेकर एक विशेष 90 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान माननीय सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना, तथा सुलह एवं मध्यस्थता परियोजना समिति के दिशा-निर्देशों के तहत संचालित किया जा रहा है।

यह अभियान 01 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक पूरे देश में चलेगा। इसके माध्यम से आम नागरिक अपने आपसी विवादों का शीघ्र, सहज और शांतिपूर्ण समाधान कर सकेंगे।

ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, अररिया के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि "यह अभियान न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने की दिशा में माननीय सर्वोच्च न्यायालय की एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल आम नागरिकों को त्वरित न्याय मिलेगा, बल्कि लंबी और महंगी मुकदमेबाजी से भी राहत मिलेगी।"

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि "लोक अदालत में पक्षकार आपसी सुलह से सीधे न्यायिक बेंच पर आकर मामला समाप्त कर सकते हैं, जबकि मध्यस्थता प्रक्रिया में पक्षकारों द्वारा विवाद प्रस्तुत किया जाता है और न्यायालय द्वारा नियुक्त मध्यस्थ (Mediator) की सहायता से विवाद का समाधान कराया जाता है।"

यह अभियान न केवल आपसी रिश्तों में सुधार लाने में मदद करेगा, बल्कि समाज में सामाजिक सामंजस्य को भी बढ़ावा देगा। साथ ही, इससे न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले समय और संसाधनों की भी बचत होगी।