उत्तराखंड: उत्तरकाशी आपदा अभी तक का अपडेट, हेल्पलाइन नंबर जारी
उत्तरकाशी में बादल फटने से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। यहां होटल, भवनों और दुकानों को आपदा ने अपनी चपेट में ले लिया। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये हैं।
उत्तरकाशी जिले में हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में आज दोपहर बादल फटने के बाद अचानक खीर गाढ़ के उफान पर आ जाने से भारी नुकसान हुआ है। जिला आपातकाल परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार धराली बाजार क्षेत्र में भारी मलवा आने के कारण भवनों, होटलों और दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। सेना, एसडीआरफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित टीमें मौके पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन, भारतीय सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्राथमिकता के आधार पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
धराली में आई आपदा के दृष्टिगत उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
ये नम्बर हैं-
01374- 22 21 26, 01374- 22 27 22
और 94 56 55 64 31
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने धराली में हुई घटना पर दुःख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर धराली में हुई त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना की। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धराली की घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और राज्य सरकार को हरसंभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया। गृह मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री शाह लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं। केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
इस प्राकृतिक आपदा में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। वहीं हर्षिल हैलीपैड के आसपास के क्षेत्र में भी भारी तबाही हुई है। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य तत्काल आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे और आईआरएस सिस्टम को सक्रिय किया। सेना,एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, एम्बुलेंस 108, चिकित्सा दल एवं जिला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखते हुए तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्य को युद्ध स्तर पर करने के निर्देश देते हुए राहत शिविर में भोजन आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही एम्बुलेंस,108 व डॉक्टर की टीम यथा समय मौके पर तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही हर्षिल एवं झाला स्वास्थ्य केंद्र में बैड,ऑक्सीजन, दवाई आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही जिला अस्पताल में डॉक्टर को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
जनपद में लगातार हो रही तेज वर्षा से नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने नदी के तटवर्ती क्षेत्रो में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने एवं पुलिस प्रशासन को लोगो को सचेत करने के निर्देश दिए।
भारी अतिवृष्टि से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आए हुए है। जिससे मार्ग अवरुद्ध है। जिलाधिकारी ने सड़क मार्ग को युद्ध स्तर पर सुचारू करने के निर्देश बीआरओ को दिए हैं।
इस पूरी घटना पर नुकसान और जानमाल की हानि को लेकर अभी आंकलन किया जा रहा है।