भोपाल में राष्ट्रीय चिकित्सा कार्यशाला का शुभारंभ, विशेषज्ञों के निष्कर्ष केंद्र सरकार को सौंपे जाएंगे
भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय चिकित्सा कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। देशभर के विशेषज्ञों ने हृदय, मधुमेह और गहन चिकित्सा पर चर्चा की। निष्कर्ष केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में 23वीं राष्ट्रीय हृदय, मधुमेह रोग एवं गहन चिकित्सा विशेषज्ञों की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, पद्मभूषण डॉ. एवी मेहता, डॉ. सुनील गुप्ता और डॉ. पीसी मनोरिया ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर से आए वरिष्ठ विशेषज्ञों ने कार्डियोलॉजी, डायबिटोलॉजी, ईसीजी, इको और क्रिटिकल केयर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चिकित्सा विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों में उभरती चुनौतियों, उपचार पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला के दौरान निकाले गए निष्कर्ष एवं सुझाव भारत सरकार के चिकित्सा विभाग को सौंपे जाएंगे, जिससे भविष्य में हृदय रोग, मधुमेह और गहन चिकित्सा के क्षेत्र में अधिक प्रभावी उपचार नीतियाँ विकसित की जा सकें। देशभर से आए चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में उत्साहपूर्ण भागीदारी दर्ज की।