बिहार में बी.पी. मंडल की 107वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मंडल आयोग अध्यक्ष बी.पी. मंडल की 107वीं जयंती पटना में राजकीय समारोह के साथ मनाई गई। नेताओं ने उनके योगदान को किया याद।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मंडल आयोग के अध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल (बी.पी. मंडल) की 107वीं जयंती पूरे राज्य में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। पटना में आयोजित राजकीय समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थित बी.पी. मंडल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके योगदान को याद किया।
सामाजिक न्याय के महान पुरोधा बी.पी. मंडल
बी.पी. मंडल को भारतीय राजनीति और समाज में सामाजिक न्याय की नींव रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने पिछड़े वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए और मंडल आयोग के जरिए देश की राजनीति व सामाजिक ढांचे को नई दिशा दी।
बी.पी. मंडल के प्रमुख योगदान:
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मंडल आयोग के अध्यक्ष:
बी.पी. मंडल ने आयोग की रिपोर्ट में सभी धर्मों के पिछड़े वर्गों की पहचान करते हुए 3,500 से अधिक जातियों को सूचीबद्ध किया। इस रिपोर्ट ने भारत की राजनीति और सामाजिक संरचना पर गहरा प्रभाव डाला और आरक्षण व्यवस्था को नया आयाम दिया। -
बिहार के मुख्यमंत्री:
वर्ष 1968 में बी.पी. मंडल बिहार के मुख्यमंत्री बने। उस समय वे संयुक्त समाजवादी पार्टी (Samyukta Socialist Party) के सदस्य थे। अपने छोटे कार्यकाल में उन्होंने सामाजिक न्याय और नवाचार की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें कीं।
इस अवसर पर वक्ताओं ने बी.पी. मंडल के जीवन-दर्शन और उनके सामाजिक दृष्टिकोण को आज की राजनीति में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया। सभी ने संकल्प लिया कि उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में लगातार कार्य किया जाएगा।