किसानों को चिंता मुक्त करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस के अवसर पर सीहोर जिले के 2 लाख से अधिक किसानों के खातों में 118 करोड़ रुपये की राहत राशि अंतरित की। सरकार किसानों की समृद्धि और कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
धनतेरस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को चिंता मुक्त करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसान, गरीब, महिला और वंचित वर्गों की सरकार है, जो सभी के कल्याण के लिए समर्पित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सीहोर जिले के बिलकिसगंज में आयोजित एक बड़े जनसमारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जिले के 2,05,977 किसानों के खातों में 118 करोड़ 41 लाख रुपये की राहत राशि अंतरित की। यह राशि पीला मोजेक, कीट व्याधि और अतिवृष्टि से हुई सोयाबीन फसल क्षति की भरपाई के रूप में दी गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 69 करोड़ 38 लाख 36 हजार रुपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अभी राहत राशि दी जा रही है, जबकि बीमा राशि भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की नीति है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फसलों के समर्थन मूल्य में लगातार बढ़ोतरी कर रही है ताकि किसानों को उचित लाभ मिल सके। सोयाबीन किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए सरकार ने ‘भावांतर योजना’ प्रारंभ की है।
उन्होंने आगे कहा कि “सीमा पर सैनिक और खेत में किसान — दोनों ही अपने-अपने तरीके से देश की सेवा करते हैं। सरकार के लिए दोनों का सम्मान सर्वोपरि है।”
डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जहां पहले सिंचाई का रकबा मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर था, वहीं अब यह बढ़कर 53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह प्रदेश सरकार की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और समर्पण को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों की समृद्धि ही सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।