आईआईटी कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समन्वय कार्यक्रम में उद्योग और शिक्षा सहयोग पर जोर दिया

आईआईटी कानपुर में आयोजित समन्वय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग, शिक्षा और समाज के बीच सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला।

आईआईटी कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समन्वय कार्यक्रम में उद्योग और शिक्षा सहयोग पर जोर दिया

कानपुर में तकनीकी संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने और नए विचार व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी कानपुर में विशेष समन्वय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित हुए।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उद्योग, शिक्षा जगत और समाज के बीच सहयोग की प्रक्रिया को मजबूत करना आज के समय की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि अब समय आ गया है कि हम वैश्विक दृष्टि से पूरी दुनिया को एक समाज के रूप में देखें और आपसी सहयोग की नई मिसाल स्थापित करें।

योगी आदित्यनाथ ने भारत के ऐतिहासिक योगदान की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि 17वीं शताब्दी में भारत दुनिया की अग्रणी शक्ति और सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। उस समय भारत का वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में योगदान 25 प्रतिशत था। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और आज यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। अगले दो वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी बनने की संभावना रखती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी संस्थान और उद्योग मिलकर नए नवाचार और उत्पादकता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर के शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस समन्वय प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनें और देश के तकनीकी और औद्योगिक विकास में योगदान दें।

इस कार्यक्रम ने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत संपर्क और सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने की संभावना जताई है।