लखनऊ में रक्षा आत्मनिर्भरता का नया युग, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किया पीटीसी इंडस्ट्रीज की सिस्टम इंटीग्रेशन फैसिलिटी का शुभारंभ
लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीटीसी इंडस्ट्रीज की सिस्टम इंटीग्रेशन फैसिलिटी की शुरुआत की। योगी ने कहा, आत्मनिर्भर भारत अब साकार होती हकीकत है।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश ने आज रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस परिसर में पीटीसी इंडस्ट्रीज की सिस्टम इंटीग्रेशन फैसिलिटी का सिंबोलिक ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत अब केवल एक विचार नहीं, बल्कि साकार होती हकीकत है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भारत अब अपने रक्षा उत्पादन में आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने आत्मनिर्भरता के हर क्षेत्र में अद्भुत प्रगति की है। आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत, जो कभी अन्य देशों पर रक्षा आपूर्ति के लिए निर्भर था, अब मित्र देशों को भी रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीटीसी इंडस्ट्रीज ने लखनऊ नोड पर स्ट्रैटेजिक मैटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स स्थापित कर यह सिद्ध किया है कि भारत अब रक्षा निर्माण में निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ आत्मनिर्भर बन रहा है। यहां स्ट्रैटेजिक मटेरियल से लेकर रेडी-टू-फिट कंपोनेंट्स तक पूरी सप्लाई चेन विकसित हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में ब्रह्मोस के साथ पीटीसी इंडस्ट्रीज ने 50 एकड़ भूमि में 1000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह परियोजना न केवल रक्षा आपूर्ति का केंद्र बनेगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और “ब्रेन ड्रेन” रोकने का माध्यम भी बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के सभी छह नोड्स — लखनऊ, कानपुर, आगरा, झांसी, अलीगढ़ और चित्रकूट — अब पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं। राज्य में पर्याप्त भूमि बैंक उपलब्ध है और आईआईटी, एकेटीयू जैसे तकनीकी संस्थान सहयोग कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस और पीटीसी इंडस्ट्रीज की प्रगति भारत के “विकसित भारत विजन” का प्रतीक है। भारत अब अपने एयरो इंजनों और एडवांस प्रोपेल सिस्टम्स का निर्माण स्वयं करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उद्योग का विस्तार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत का युवा अपने देश की रक्षा के उपकरण स्वयं बनाएगा, तभी “मेक इन इंडिया” का वास्तविक अर्थ साकार होगा। आज लखनऊ नोड में जो दिख रहा है, वह केवल उद्योग नहीं, बल्कि आत्मगौरव और आत्मनिर्भरता के नवयुग का आरंभ है।